भीमताल। आगामी मानसून सीजन को देखते हुए उत्तराखंड सरकार में कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा ने बुधवार को विकास भवन सभागार, भीमताल में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में लोक निर्माण विभाग, पेयजल, सिंचाई, विद्युत समेत अन्य विभागों की तैयारियों का जायजा लेते हुए मंत्री ने बरसात के दौरान संभावित आपदाओं से निपटने के लिए सभी व्यवस्थाएं समय से दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
मंत्री कैड़ा ने कहा कि बारिश शुरू होने से पहले जलभराव, भूस्खलन और सड़क अवरोध जैसी समस्याओं से निपटने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन से प्रभावित होने वाले मोटर मार्गों पर पहले से जेसीबी और पोकलैंड मशीनें तैनात रखने के निर्देश दिए, ताकि मार्ग बंद होने की स्थिति में तत्काल यातायात बहाल किया जा सके।
उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों के छोटे-बड़े नालों की सिल्ट सफाई और नदियों के आवश्यक डायवर्जन कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा करने को कहा। साथ ही जिन स्थानों पर जलभराव की समस्या बनी रहती है, वहां ड्रेनेज सिस्टम को दुरुस्त करने के निर्देश दिए। मंत्री ने बरसात से पूर्व सभी मुख्य और संपर्क मार्गों को गड्ढामुक्त बनाने पर भी जोर दिया।
बैठक में विद्युत और पेयजल विभागों को भी विशेष निर्देश दिए गए। मंत्री ने कहा कि तेज बारिश और आंधी के दौरान बिजली के पोल गिरने या तार टूटने की स्थिति में त्वरित बहाली के लिए रिस्पॉन्स टीम तैयार रखी जाए। पेयजल लाइनों के क्षतिग्रस्त होने पर वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।
स्वास्थ्य विभाग को अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक दवाओं का पर्याप्त भंडारण रखने को कहा गया, ताकि बरसात के दौरान फैलने वाली बीमारियों से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
मंत्री कैड़ा ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि तैयारियों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि बरसात के दौरान अधिकारियों की सुस्ती के कारण जनता को परेशानी हुई, जलभराव की स्थिति बनी या मोटर मार्ग लंबे समय तक बंद रहे तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने तथा आपात स्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के लिए एक समर्पित कंट्रोल रूम स्थापित करने के निर्देश दिए। साथ ही भीमताल विधानसभा क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों को गुणवत्ता के साथ शीघ्र पूर्ण करने पर भी जोर दिया।