भीमताल, 2 जुलाई। उत्तराखंड की लोक संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण और पारंपरिक विरासत के प्रतीक हरेला मेले का आयोजन इस वर्ष भीमताल में 16 जुलाई 2026 से भव्यता और हर्षोल्लास के साथ किया जाएगा। मेले की तैयारियों को लेकर गुरुवार को विकास भवन सभागार में कैबिनेट मंत्री रामसिंह कैड़ा की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित हुई, जिसमें सभी विभागों को 10 जुलाई तक तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में मेले के सफल आयोजन को लेकर विभिन्न व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। तय किया गया कि मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ विभिन्न विभागों की प्रदर्शनी एवं स्टॉल लगाए जाएंगे। महिला स्वयं सहायता समूह, खादी ग्रामोद्योग, स्थानीय शिल्पकार, जैविक उत्पाद और उद्यान विभाग के स्टॉल आकर्षण का केंद्र होंगे।
कैबिनेट मंत्री ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को प्राथमिकता देते हुए पुलिस एवं प्रशासन को भीड़ नियंत्रण, सीसीटीवी निगरानी, महिला सुरक्षा और सुचारु यातायात सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही पर्याप्त पार्किंग स्थलों का चिन्हीकरण करने को भी कहा।
बैठक में स्वच्छता, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधाएं और पौधारोपण अभियान सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई। कैबिनेट मंत्री रामसिंह कैड़ा ने कहा कि हरेला मेला केवल मनोरंजन का आयोजन नहीं, बल्कि उत्तराखंड की संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता का उत्सव है। उन्होंने सभी विभागों से आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करने को कहा।
बैठक में अध्यक्ष नगर पालिका परिषद भीमताल सीमा टमटा, मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार पाण्डे, उपजिलाधिकारी एवं मेलाधिकारी नवाजिश खालिक सहित जनप्रतिनिधि, विभिन्न विभागों के अधिकारी, व्यापार मंडल, होटल एसोसिएशन और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।