भीमताल । कैम्प कार्यालय हल्द्वानी में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान आयुक्त/सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत ने भूमि विवाद, धोखाधड़ी, शहीद की विधवा को पेट्रोल पंप आवंटन में विलंब तथा श्रमिकों के पीएफ कटौती के बाद धनराशि जमा न किए जाने जैसे गंभीर मामलों पर कड़ा रुख अपनाया। कई मामलों में मौके पर ही त्वरित निर्णय लेते हुए संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए। जनसुनवाई के दौरान बीएसएफ के शहीद कमांडेंट स्व. एस.के. बमेठा का प्रकरण प्रमुखता से उठा। ऑपरेशन पराक्रम के दौरान शहादत देने वाले स्व. बमेठा को वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। उनकी पत्नी गीतांजली बमेठा को वर्ष 2004 में एचपीसीएल कंपनी का पेट्रोल पंप स्वीकृत हुआ, लेकिन वर्ष 2025 तक पेट्रोल पंप संचालित न हो पाने पर आयुक्त ने गहरी नाराजगी जताई। आयुक्त दीपक रावत ने एचपीसीएल, एनएचएआई तथा उधमसिंह नगर के पूर्ति अधिकारी को तलब कर पूरे प्रकरण की जानकारी ली। शहीद की पत्नी ने बताया कि फायर, एनएचएआई सहित अन्य विभागों से एनओसी में कोई आपत्ति नहीं है, इसके बावजूद एचपीसीएल स्तर से आवश्यक कार्यवाही नहीं की गई। इस पर आयुक्त ने एचपीसीएल अधिकारियों को निर्देशित किया कि लंबित आपत्तियां यदि हों तो उनका तत्काल निस्तारण कर पेट्रोल पंप आवंटन की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि अनावश्यक विलंब की स्थिति में कंपनी के विरुद्ध कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
इसी प्रकार रामनगर स्थित एक फूड कंपनी में कार्यरत करीब 20 श्रमिकों के पीएफ मामले को भी आयुक्त ने गंभीरता से लिया। शिकायत के अनुसार, कंपनी प्रबंधन द्वारा वर्ष 2019 से श्रमिकों के वेतन से पीएफ की कटौती तो की जा रही है, लेकिन भविष्य निधि खाते में धनराशि जमा नहीं की जा रही। आयुक्त ने इसे श्रमिकों के अधिकारों का खुला उल्लंघन बताते हुए कंपनी स्वामी को शीघ्र समस्त बकाया पीएफ राशि जमा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने साफ कहा कि निर्देशों का पालन न होने पर विधिक कार्रवाई से कंपनी प्रबंधन को राहत नहीं मिलेगी।
जनसुनवाई में नीता मिश्रा ने स्थायी निवास प्रमाण पत्र जारी करने, शंकर जोशी ने दुर्गा कॉलोनी समलखा चौक बाउंड्री से संबंधित समस्या, पंचम सिंह मेवाड़ी ने सरकारी भूमि पर अतिक्रमण तथा हीरा देवी ने चकबंदी कृषक भूमि नाप से जुड़ी शिकायत रखी। कुछ मामलों में आयुक्त ने मौके पर ही समाधान कर संबंधितों को राहत प्रदान की, जबकि शेष प्रकरणों को संबंधित विभागों को प्रेषित करते हुए समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए।
आयुक्त दीपक रावत ने कहा कि जनता मिलन कार्यक्रम का उद्देश्य आमजन की समस्याओं का शीघ्र, पारदर्शी और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को चेताया कि जनसुनवाई में प्राप्त प्रकरणों को हल्के में लेने की प्रवृत्ति बर्दाश्त नहीं की जाएगी और प्रत्येक मामले पर गंभीरता से, निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्यवाही अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए।