भौगोलिक आधार पर हो परिसीमन, जनसंख्या आधारित व्यवस्था से पहाड़ को नुकसान : कुल्याल

भीमताल। उत्तराखंड क्रांति दल के पूर्व विधानसभा प्रभारी एवं राज्य आंदोलनकारी प्रेम सिंह कुल्याल ने परिसीमन को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रदेश में नया परिसीमन भौगोलिक आधार पर ही किया जाना चाहिए, अन्यथा पर्वतीय क्षेत्रों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
कुल्याल ने कहा कि यदि परिसीमन केवल जनसंख्या के आधार पर किया गया, तो पहाड़ों में लोकसभा और विधानसभा सीटों की संख्या स्वतः घट जाएगी। इससे उत्तराखंड राज्य आंदोलन का मूल उद्देश्य अधूरा रह जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य का गठन ही पर्वतीय क्षेत्रों के विकास और प्रतिनिधित्व को सुनिश्चित करने के लिए किया गया था।
उन्होंने पहाड़ के निवासियों से अपील करते हुए कहा कि वे अपनी जनगणना मूल निवास स्थान यानी पहाड़ में ही कराएं, ताकि वास्तविक जनसंख्या का आंकड़ा सामने आ सके और भविष्य में सीटों की संख्या प्रभावित न हो।
आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर कुल्याल ने कहा कि उत्तराखंड समर्थक शक्तियों को एकजुट होकर चुनाव मैदान में उतरना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि भीमताल विधानसभा सीट पर उत्तराखंड क्रांति दल पूरी ताकत के साथ चुनाव लड़ेगा और केंद्रीय नेतृत्व जल्द ही प्रत्याशी की घोषणा करेगा।

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