माध्यमिक शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में आधारभूत सुविधाओं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर रहा फोकस
भीमताल । कुमाऊं मंडल के आयुक्त एवं मुख्यमंत्री के सचिव दीपक रावत ने माध्यमिक शिक्षा विभाग की समीक्षा करते हुए विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं के विकास, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और विभिन्न योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश दिए। उन्होंने अपर निदेशक माध्यमिक एवं बेसिक शिक्षा गजेंद्र सिंह सौन को शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।
समीक्षा बैठक के दौरान आयुक्त ने शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत निजी विद्यालयों में होने वाले प्रवेशों की गहन जांच कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आरटीई का लाभ वास्तविक पात्र और जरूरतमंद बच्चों तक पहुंचे, इसके लिए राजस्व विभाग द्वारा जारी आय प्रमाण पत्र, आयकर रिटर्न और अन्य अभिलेखों का गंभीरता से सत्यापन किया जाए।
बैठक में अपर निदेशक गजेंद्र सिंह सौन ने बताया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (पीजीआई) 2.0 रिपोर्ट में उत्तराखंड ने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार किया है। राज्य विद्यालयी शिक्षा के क्षेत्र में 24वें स्थान से उछाल लेते हुए 15वें स्थान पर पहुंच गया है, जो प्रदेश के लिए बड़ी उपलब्धि है।
उन्होंने बताया कि कुमाऊं मंडल में वर्तमान में राजकीय हाईस्कूल एवं इंटर कॉलेजों के कुल 1107 विद्यालय संचालित हैं। इनमें 424 हाईस्कूल और 683 इंटर कॉलेज शामिल हैं। इसके अलावा मंडल में 41 अटल उत्कृष्ट विद्यालय तथा 94 पीएम श्री विद्यालय भी संचालित किए जा रहे हैं।
आयुक्त ने उन विद्यालयों की विशेष समीक्षा की, जहां निर्माण कार्य धीमी गति से चल रहे हैं या आधारभूत सुविधाओं के अभाव में विद्यार्थियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे विद्यालयों में सभी आवश्यक सुविधाएं निर्धारित समय सीमा के भीतर उपलब्ध कराई जाएं, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।
उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में सरकार की प्राथमिकता केवल विद्यालयों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर संसाधन उपलब्ध कराना है।