भीमताल । जमरानी बांध परियोजना की प्रगति की समीक्षा बैठक में सांसद अजय भट्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए कि यह महत्वाकांक्षी परियोजना निर्धारित समयसीमा के भीतर हर हाल में पूर्ण की जाए, ताकि इसे समय पर राष्ट्र को समर्पित किया जा सके। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़ी इस ड्रीम प्रोजेक्ट में अनावश्यक विलंब किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं होगा।
देर सांय सर्किट हाउस सभागार में आयोजित बैठक में सांसद भट्ट ने संबंधित विभागीय अधिकारियों एवं निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधियों से परियोजना के विभिन्न घटकों की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि यदि परियोजना की प्रगति तय समय-सीमा से पीछे पाई जाती है तो नियमों के अनुसार संबंधित कंपनी पर पेनल्टी लगाई जाए।
सांसद ने भूमि अधिग्रहण एवं मुआवजा वितरण की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जिन मुआवजाधारकों का भुगतान नियमानुसार किया जा सकता है, उन्हें तत्काल मुआवजा वितरित किया जाए। जो मुआवजा धारक उपलब्ध नहीं हैं या जिनका भुगतान किसी कारणवश लंबित है, उनके लिए धनराशि सुरक्षित रखी जाए, ताकि उनके उपलब्ध होते ही शीघ्र भुगतान सुनिश्चित किया जा सके।
सांसद भट्ट ने परियोजना से जुड़े अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए, निर्माण गुणवत्ता पर सतत निगरानी रखी जाए तथा सभी प्रक्रियाओं में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।
बैठक में महाप्रबंधक महेश कुमार खरे ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से बताया कि डाइवर्जन टनलों का कार्य प्रगति पर है तथा गौलानदी में 26 मीटर व 9 मीटर ऊंचे कॉफर डैम का निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि डाइवर्जन का कार्य जून 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य है, जिसके उपरांत मानसून के दौरान नदी का पूरा बहाव डाइवर्जन टनल के माध्यम से मोड़ा जा सकेगा और मुख्य बांध निर्माण कार्य को त्वरित गति से आगे बढ़ाया जाएगा।
उन्होंने अवगत कराया कि परियोजना के अंतर्गत आवासीय कॉलोनियों, कार्यालयों आदि के निर्माण एवं अनुरक्षण का कार्य पूर्ण हो चुका है। जमरानी बांध निर्माण के पश्चात जिला बरेली, रामपुर, उधमसिंह नगर एवं नैनीताल के विभिन्न क्षेत्रों में नहरों के माध्यम से पानी आपूर्ति की जाएगी। इन नहरों के पुनर्निर्माण एवं जीर्णोद्धार का कार्य जारी है, जिनमें से अब तक लगभग 8 किमी नहरों का कार्य पूर्ण किया जा चुका है तथा शेष कार्य जुलाई 2027 तक पूरा किए जाने का लक्ष्य है।
उन्होंने बताया कि परियोजना के डूब क्षेत्र में आने वाले 1297 परियोजना प्रभावितों में से लगभग 1100 प्रभावितों को करीब 406 करोड़ रुपये का मुआवजा वितरित किया जा चुका है। प्रभावितों के पुनर्वास हेतु प्राग फार्म में पुनर्वास कालोनी विकसित किए जाने का कार्य भी प्रगति पर है। बैठक में अपर जिलाधिकारी शैलेन्द्र सिंह नेगी, उप महाप्रबंधक पीआईयू ललित कुमार, जिला विकास अधिकारी गोपाल गिरी गोस्वामी, परियोजना प्रबंधक जमरानी अजय पंत, शाह नवाज, उपराजस्व अधिकारी जमरानी चन्द्र शेखर, सहायक परियोजना प्रबंधक संजय तिवारी व इमरान सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।