भीमताल। उत्तराखंड कृषि उत्पादन विपणन बोर्ड की मेजबानी में कॉर्बेट एलीगेंट रिसॉर्ट, जिम कॉर्बेट में आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन बुधवार को संपन्न हो गया। ‘भारत में फल और सब्जी थोक बाजारों में खाद्य हानि और बर्बादी’ विषय पर आयोजित सम्मेलन में विभिन्न राज्यों के कृषि विपणन बोर्डों के अध्यक्ष, प्रबंध निदेशक, वरिष्ठ अधिकारी, विषय विशेषज्ञ और सीओएसएएमबी के प्रतिनिधि शामिल हुए।
उत्तराखंड कृषि उत्पादन विपणन बोर्ड के अध्यक्ष एवं दर्जा राज्यमंत्री डॉ. अनिल कपूर डब्बू ने कहा कि खाद्य हानि कम करने और जैविक व अन्य कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन के लिए राज्यों के बीच अनुभवों का आदान-प्रदान जरूरी है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में इस तरह के राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन राज्य के लिए गौरव की बात है।
सम्मेलन में फल एवं सब्जी मंडियों में खाद्य हानि के प्रमुख कारणों पर विस्तार से चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने परिवहन के दौरान होने वाली क्षति, अनुचित भंडारण, अत्यधिक पकने, मंडियों में अधिक समय तक उत्पाद पड़े रहने, अपर्याप्त छंटाई और जैविक अवशेषों को प्रमुख कारण बताया। खाद्य हानि रोकने के लिए स्रोत स्तर पर कचरे का पृथक्करण, बेहतर संग्रहण व परिवहन व्यवस्था तथा प्रसंस्करण को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।
वक्ताओं ने कहा कि खाद्य अपशिष्ट के निस्तारण के साथ उसकी रोकथाम पर भी समान रूप से ध्यान देना जरूरी है। जैविक कचरे को उपयोगी संसाधन में बदलने और मंडियों को स्वच्छ व संसाधन-कुशल बनाने के लिए स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप आधुनिक व्यवस्थाएं विकसित करने की आवश्यकता है।
सम्मेलन में पंजाब मंडी बोर्ड के अध्यक्ष हरचंद सिंह बरसात, हिमाचल प्रदेश मार्केटिंग बोर्ड के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया, असम राज्य कृषि विपणन बोर्ड के अध्यक्ष बरुआ सहित विभिन्न राज्यों के अधिकारी व प्रबंध निदेशक शामिल हुए। यूएनडीपी के विशेषज्ञ मनोज झा तथा संयुक्त राष्ट्र से संबद्ध खाद्य हानि एवं खाद्य अपशिष्ट प्रबंधन के विशेषज्ञ एवं परामर्शदाता भारत भूषण ने भी विचार रखे।
अंतरराष्ट्रीय खाद्य हानि एवं बर्बादी जागरूकता दिवस के संदर्भ में भी लोगों को खाद्य हानि और अपशिष्ट प्रबंधन के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया गया। सम्मेलन के अंत में राज्यों के बीच निरंतर संवाद, अनुभवों के आदान-प्रदान और सहयोग के माध्यम से खाद्य हानि एवं बर्बादी कम करने की दिशा में प्रभावी कार्य करने पर सहमति बनी। उत्तराखंड कृषि उत्पादन विपणन बोर्ड ने सभी प्रतिभागियों और विशेषज्ञों का आभार जताया।