ज्योलिकोट प्रभावित क्षेत्र में स्वास्थ्य टीमें सक्रिय, ओआरएस-जिंक और आवश्यक दवाएं बांटीं
भीमताल, 27 सितंबर। ज्योलिकोट प्रभावित क्षेत्र में जलजनित रोगों की रोकथाम और आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार सक्रिय हैं। रविवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योलिकोट में 29 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक दवाएं वितरित की गईं। इस दौरान 14 ब्लड टेस्ट किए गए और 45 लोगों की काउंसलिंग की गई। गंभीर लक्षण वाले एक मरीज को उपचार के लिए भर्ती कराया गया।
मालवा ताल पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम
मालवा ताल क्षेत्र में 12 वर्षीय बच्चे की डायरिया से हुई मौत के संबंध में प्रकाशित खबरों का मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने संज्ञान लिया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए एएनएम और कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बच्चे के घर पहुंचकर परिजनों से जानकारी ली। परिजनों ने बताया कि इससे पूर्व गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाया गया था, लेकिन व्यस्तता के कारण वे बच्चे को जांच के लिए शिविर में नहीं ला सके।
इसके बाद स्वास्थ्य टीम ने मालवा ताल में 45 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। ग्रामीणों को स्वास्थ्य और स्वच्छता के प्रति जागरूक करते हुए ओआरएस, जिंक और आवश्यक दवाओं का वितरण किया गया। साथ ही ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर की जांच भी की गई। चिकित्सकों की टीम भी मालवा ताल पहुंचकर ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण करेगी और आवश्यकता के अनुसार उपचार व अन्य स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराएगी।
बारिश के बाद पेयजल को लेकर सतर्कता जरूरी
लगातार बारिश को देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने लोगों से पेयजल को लेकर विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बारिश के दौरान बहकर आई गंदगी दोबारा पेयजल स्रोतों में पहुंच सकती है। ऐसे में लोग पानी उबालकर अथवा सुरक्षित पेयजल का ही सेवन करें। ताजा, सुपाच्य और हल्का भोजन लेने के साथ व्यक्तिगत स्वच्छता का भी विशेष ध्यान रखें।
दस्त, उल्टी, बुखार, पेट दर्द, पीलिया या अन्य लक्षण दिखाई देने पर लापरवाही न बरतें और तत्काल चिकित्सक से परामर्श लें। समय पर उपचार मिलने से बीमारी को गंभीर होने से रोका जा सकता है।
गर्भवती महिलाएं समय से पहुंचें वर्थ वेटिंग रूम
भारी बारिश और प्रतिकूल मौसम को देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने आगामी दिनों में प्रसव संभावित गर्भवती महिलाओं से भी समय रहते संबंधित चिकित्सालय के वर्थ वेटिंग रूम में पहुंचने की अपील की है।
वर्थ वेटिंग रूम में गर्भवती महिलाओं के ठहरने, भोजन और स्वास्थ्य जांच समेत आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसका उद्देश्य खराब मौसम और आवागमन में संभावित बाधाओं के बीच गर्भवती महिलाओं को समय पर चिकित्सकीय देखरेख उपलब्ध कराना और सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करना है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने आमजन से सतर्क रहने, सुरक्षित रहने और स्वास्थ्य संबंधी किसी भी लक्षण को नजरअंदाज न करने की अपील की है।