नैनीताल में करीब चार दर्जन मार्ग बंद, ग्रामीण सड़कें सबसे अधिक प्रभावित; गरमपानी में एनएच खोलने का काम जारी
भीमताल। जनपद में पिछले दो दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश के मद्देनजर जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने और भूस्खलन की आशंका को देखते हुए अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखने को कहा है।
जिलाधिकारी ने बताया कि वर्तमान में जनपद के पर्वतीय और मैदानी दोनों क्षेत्रों में वर्षा हो रही है। इसके चलते नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने के साथ ही भूस्खलन की संभावना बनी हुई है। उन्होंने जिला आपदा कंट्रोल रूम के साथ ही सभी तहसील और ब्लॉक स्तरीय कंट्रोल रूम को 24 घंटे सक्रिय रखने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं, लोनिवि, पीएमजीएसवाई, एनएच, सिंचाई, विद्युत और पेयजल विभाग को अपनी मशीनरी एवं मैनपावर के साथ संवेदनशील स्थलों पर तैनात रहने को कहा है, ताकि मार्ग अवरुद्ध होने की स्थिति में तत्काल यातायात सुचारू कराया जा सके।
करीब चार दर्जन मार्ग बंद
डीएम ने बताया कि वर्तमान में जनपद में करीब चार दर्जन मार्ग अवरुद्ध हैं। इनमें लगभग 90 प्रतिशत ग्रामीण सड़कें हैं। इसके अलावा चार से पांच स्टेट हाईवे और राष्ट्रीय राजमार्ग का गरमपानी वाला हिस्सा भी बारिश के कारण बाधित हुआ है। मार्ग खोलने के लिए मौके पर मशीनें लगाई गई हैं और कार्य लगातार जारी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि बाधित मार्गों को शीघ्र खोल दिया जाएगा।
नुकसान का आकलन कर तत्काल राहत
जिलाधिकारी ने बताया कि राजस्व विभाग की टीमें अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमण कर आपदा से हुए नुकसान का आकलन कर रही हैं। जहां मकानों को आंशिक क्षति अथवा पशुहानि की सूचना मिल रही है, वहां तहसीलदार के माध्यम से तत्काल राहत वितरण कराया जा रहा है।
जोखिम वाले स्थानों पर जाने से बचें
जिलाधिकारी ने आमजन से अपील की है कि अपरिहार्य परिस्थितियों में ही घर से बाहर निकलें। उन्होंने क्रोनिक लैंडस्लाइड जोन, नदी, नालों, गधेरों और बरसाती नालों के आसपास जाने से बचने को कहा।
उन्होंने विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और युवाओं से अपील की कि रील बनाने अथवा फोटोग्राफी के लिए जोखिम वाले स्थानों पर न जाएं। मानसून काल में ऐसी गतिविधियों से पूरी तरह परहेज करें, क्योंकि बरसाती नदियों और नालों का बहाव अचानक तेज हो सकता है और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
जिलाधिकारी ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है और वर्षा से उत्पन्न परिस्थितियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ राहत एवं बचाव कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं।