नाबार्ड की पहल: ऐपण कला, शहद, अचार और मिलेट्स जैसे स्थानीय उत्पादों की होगी बिक्री, 50 समूहों की महिलाएं बनीं गवाह
भीमताल, 19 मई। ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए विकासखंड भीमताल में मंगलवार को “बाखली” नामक ग्राम दुकान का शुभारंभ किया गया। नाबार्ड के सहयोग से स्थापित इस ग्राम दुकान का संचालन दक्ष स्वयं सहायता समूह, भीमताल को सौंपा गया है, जबकि परियोजना का क्रियान्वयन मेनवस संस्था द्वारा किया जा रहा है।
उत्साहपूर्ण वातावरण में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथियों एवं गणमान्य अतिथियों द्वारा फीता काटकर और दीप प्रज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र की लगभग 50 स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने भागीदारी की और इस पहल को महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम बताया।
कार्यक्रम में जिला विकास प्रबंधक नाबार्ड नैनीताल मुकेश बेलवाल, अग्रणी जिला प्रबंधक नैनीताल अमित बाजपेयी, आरसेटी निदेशक अतुल पांडेय, जन शिक्षण संस्थान के निदेशक गोपाल, वित्तीय साक्षरता सलाहकार बिष्ट, नैनीताल जिला सहकारी बैंक एवं उत्तराखंड ग्रामीण बैंक के प्रतिनिधियों सहित वरिष्ठ पत्रकार गितेश त्रिपाठी और विभिन्न प्रेस प्रतिनिधि मौजूद रहे।
स्थानीय उत्पादों को मिलेगा नया बाजार
ग्राम दुकान में स्थानीय स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों को प्रदर्शित किया गया, जिनमें ऐपण कला आधारित सामग्री, रिंगाल शिल्प, जूट उत्पाद, अचार, शहद, मोटे अनाज (मिलेट्स), दालें और अन्य प्रसंस्कृत खाद्य सामग्री प्रमुख रूप से शामिल हैं। ये उत्पाद विकासखंड भीमताल के विभिन्न स्वयं सहायता समूहों से क्रय किए गए हैं, जिनका अब विपणन इसी दुकान के माध्यम से किया जाएगा।
दो वर्षों तक नाबार्ड देगा सहयोग
नाबार्ड द्वारा इस परियोजना को दो वर्षों तक अनुदान सहायता प्रदान की जाएगी। इसके तहत दुकान का किराया, विक्रय महिला का मानदेय, प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण गतिविधियों के साथ दुकान की आधारभूत संरचना विकसित करने में सहयोग दिया जाएगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को स्थायी आजीविका के अवसर प्रदान करना और स्वयं सहायता समूहों की आय में वृद्धि करना है।
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में निभाएगी अहम भूमिका
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुकेश बेलवाल ने कहा कि नाबार्ड लगातार ग्रामीण आजीविका, महिला सशक्तिकरण और स्थानीय उत्पादों के विपणन को बढ़ावा देने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि ग्राम दुकान जैसी पहलें ग्रामीण उत्पादों को बाजार से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनेंगी।
वहीं अमित बाजपेयी ने महिलाओं को बैंकिंग एवं वित्तीय सेवाओं से जुड़ने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेंगे। कार्यक्रम के अंत में महिलाओं ने इस पहल के लिए नाबार्ड और मेनवस संस्था के प्रति आभार जताया।