हल्द्वानी सहकारिता मेला बनेगा स्थानीय विकास व महिला सशक्तिकरण का मजबूत मंच : सीएम
भीमताल । सहकारिता से पर्यटन विकास थीम पर हल्द्वानी में आयोजित सहकारिता मेला 2025 बुधवार को महिलाओं, स्वयं सहायता समूहों और सहकारी समितियों के सशक्तिकरण का बड़ा मंच बना। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मेले में पहुंचकर विभिन्न महिला स्वयं सहायता समूहों व सहकारी समितियों के स्टॉलों का निरीक्षण किया तथा महिला समूहों को कुल 17.72 करोड़ रुपये के चेक वितरित किए। उन्होंने कहा कि यह मेला स्थानीय उत्पादों को बड़ा बाजार देने के साथ राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान करेगा।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सहकारिता मानव समाज का प्राचीन सिद्धांत है, जो सहयोग, एकता और सामूहिक प्रगति की भावना पर आधारित है। आधुनिक समय में इसकी प्रासंगिकता और बढ़ गई है। इसी महत्व को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 2025 को अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष घोषित किया है। उन्होंने कहा कि सहकारिता मेला स्थानीय सहकारी समितियों, स्वयं सहायता समूहों और महिला समूहों के उत्पादों को एक सशक्त मंच प्रदान कर रहा है, जिससे उनके उत्पादों को सीधा बाजार और उन्हें स्थायी आर्थिक लाभ मिल रहा है।
सीएम धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सहकारिता क्षेत्र को नई पहचान मिली है। केंद्र सरकार ने अलग सहकारिता मंत्रालय का गठन कर सहकारी आंदोलन को संस्थागत मजबूती प्रदान की है। केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में सहकारिता को आधुनिक, पारदर्शी और तकनीक आधारित स्वरूप देने की दिशा में व्यापक कार्य किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में अब तक 671 सहकारी समितियों का कंप्यूटरीकरण किया जा चुका है और ये समितियां डिजिटल माध्यम से पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध करा रही हैं। प्रदेश की 24 समितियां जन औषधि केंद्र के रूप में कार्यरत हैं, जिनके माध्यम से ग्रामीण व दूरस्थ क्षेत्रों में सस्ती और गुणवत्तायुक्त दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं। वहीं 640 समितियों को कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के रूप में विकसित किया गया है, जो बीमा, पेंशन, बिजली बिल भुगतान, आधार सेवाओं सहित अनेक डिजिटल सेवाएं प्रदान कर रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की 5511 सहकारी समितियों में से 3838 समितियों का डेटा राष्ट्रीय सहकारी डेटाबेस पर अपलोड कर दिया गया है। सहकारिता क्षेत्र को मजबूत करने के लिए राज्य में 800 नए पैक्स का गठन किया गया है। मिलेट मिशन के तहत मंडुवा की एमएसपी बढ़ाई गई है, जिससे छोटे व सीमांत किसानों को सीधा लाभ मिल रहा है।
धामी ने बताया कि दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना के तहत स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को पशुपालन, दुग्ध व्यवसाय, मत्स्य पालन, फूल उत्पादन सहित अन्य आजीविका गतिविधियों के लिए पांच लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। महिला सहकारी समितियों और स्वयं सहायता समूहों को प्राथमिकता देने के परिणामस्वरूप प्रदेश में लगभग 1 लाख 70 हजार महिलाएं “लखपति दीदी” बन चुकी हैं।
उन्होंने कहा कि यह सहकारिता मेला न केवल आर्थिक सशक्तिकरण, बल्कि पर्यटन विकास, स्थानीय संस्कृति एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने वाला महत्त्वपूर्ण प्रयास है।
हल्द्वानी में तेजी से बदल रहा विकास का नक्शा
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री धामी ने हल्द्वानी और आसपास के क्षेत्रों में चल रही विकास परियोजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि—
• हल्द्वानी में कैंसर संस्थान का निर्माण तेज़ी से जारी है, जिससे संपूर्ण कुमाऊं मंडल को उन्नत स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी।
• रिंग रोड और हल्द्वानी–लालकुआं बायपास करोड़ों की लागत से तैयार हो रहे हैं, जिनसे शहर के यातायात दबाव में कमी आएगी।
• हल्द्वानी नगर निगम क्षेत्र की सभी सड़कों के सुधारीकरण का कार्य प्रगति पर है।
• पंतनगर एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा विकसित करने के लिए 1000 एकड़ भूमि स्थानांतरित कर दी गई है, जिस पर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का निर्माण शुरू हो चुका है।
• जमरानी बांध परियोजना तेज गति से आगे बढ़ रही है, जिससे पेयजल और सिंचाई समस्या का स्थायी समाधान होगा।
• हल्द्वानी–मुंबई के बीच लालकुआं एक्सप्रेस ट्रेन शुरू होने से लंबी दूरी के आवागमन में सुविधा बढ़ी है।
• देश का पहला एस्ट्रो पार्क हल्द्वानी में बन रहा है।
• उत्तराखंड का पहला खेल विश्वविद्यालय भी हल्द्वानी में स्थापित होने जा रहा है।
• लिगेसी वेस्ट प्रबंधन, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट एवं सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट से जुड़ी परियोजनाएं शुरू हो चुकी हैं।
• 450 वाहनों की क्षमता वाली बहुमंजिला पार्किंग का निर्माण जारी है।
• उधमसिंह नगर में हल्द्वानी से लगे क्षेत्र में इंडस्ट्रियल स्मार्ट सिटी के विकास कार्य प्रगति पर हैं।
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कानून-व्यवस्था, डेमोग्राफी और प्रशासनिक सुधार पर सख्त रुख
मुख्यमंत्री धामी ने अपने संबोधन में राज्य की डेमोग्राफी बदलने की साजिशों पर भी सख्त रुख जताया। उन्होंने कहा कि—
• प्रदेश में कड़ा धर्मांतरण कानून लागू किया गया है।
• 10,000 एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को लैंड जिहाद से मुक्त कराया गया है।
• 250 से अधिक अवैध निर्माण हटाए गए हैं।
• शिक्षा सुधार के तहत मदरसा बोर्ड समाप्त किया गया है।
• “ऑपरेशन कालनेमि” के तहत छद्मभेषधारियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है।
• उत्तराखंड में देश का पहला समान नागरिक संहिता (UCC) लागू कर बड़ा कदम उठाया गया है।
• देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू होने के बाद चार वर्ष में 26 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है।
• भ्रष्टाचार पर रोक लगाने के लिए अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा रही है।
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महिला समूहों और समितियों को बड़ी वित्तीय मदद
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने सहकारिता और महिला सशक्तिकरण को गति देने के लिए—
• दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता कल्याण योजना के तहत 16.97 करोड़ रुपये,
• एनआरएलएम स्वयं सहायता समूहों के लिए 75.50 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की।
उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के माध्यम से महिला समूहों को स्वरोजगार और आजीविका के अवसरों से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है।
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जनप्रतिनिधियों ने बताया अभूतपूर्व पहल
कार्यक्रम में सांसद अजय भट्ट ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से हल्द्वानी सहित पूरे जनपद में विकास कार्य अभूतपूर्व गति से आगे बढ़ रहे हैं। सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा और परिवहन के क्षेत्रों में जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप व्यापक बदलाव नजर आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह सहकारिता मेला सहकारिता के क्षेत्र को आगे बढ़ाने में मील का पत्थर साबित होगा।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष दीपा दरमवाल, विधायक भीमताल राम सिंह केड़ा, विधायक रामनगर दीवान सिंह बिष्ट, दायित्वधारी डॉ. अनिल कपूर डब्बू, शंकर कोरंगा, दिनेश आर्य, सुरेश भट्ट, जिलाध्यक्ष प्रताप सिंह बिष्ट, भाजपा युवा मोर्चा महामंत्री दीपेंद्र कोश्यारी, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टी.सी., सहकारिता क्षेत्र से जुड़े विभिन्न प्रतिनिधि, महिला समूहों की सदस्याएं, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।