विकास प्राधिकरण कार्यालय पहुंचे आयुक्त दीपक रावत, लापरवाही पर जताई सख्त नाराजगी

भीमताल : कुमाऊं आयुक्त एवं जिला विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष दीपक रावत ने मंगलवार को जिला विकास प्राधिकरण, नैनीताल कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने भवन मानचित्र स्वीकृति, अवैध निर्माण पर कार्रवाई, लंबित प्रकरणों की स्थिति, अभिलेखों के डिजिटलीकरण सहित विभिन्न कार्यों की गहन समीक्षा की। आयुक्त ने निर्देश दिए कि अवैध निर्माण पर तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए और लंबित वादों का निस्तारण निर्धारित समयसीमा में किया जाए। उन्होंने कहा कि मामलों को वर्षवार और श्रेणीवार सूचीबद्ध करते हुए एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। रिकॉर्ड रूम का भी निरीक्षण करते हुए उन्होंने पत्रावलियों के रख-रखाव में अनियमितताओं पर नाराजगी जताई।
सचिव विजय नाथ शुक्ल ने बताया कि प्राधिकरण में कुल 2650 वाद लंबित हैं, जिनमें 1502 वाद ऑफलाइन और 1148 वाद ऑनलाइन विचाराधीन हैं। आयुक्त ने वर्ष 1999 से लंबित वादों की स्थिति जानकर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिए कि सबसे पुराने वादों को प्राथमिकता दी जाए और प्रत्येक दिन कम से कम 60–70 मामलों की सुनवाई की जाए। कई मामलों में वर्ष 2019 से अब तक एक भी सुनवाई की तिथि न दिए जाने को गंभीर लापरवाही बताते हुए आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को एक सप्ताह में वादवार रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। साथ ही चेतावनी दी कि तय समय में सूची न मिलने पर संबंधित अधिकारियों को प्रतिकूल प्रविष्टि दी जाएगी।
आयुक्त ने ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से भवन मानचित्र स्वीकृति कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान तीन अवर अभियंताओं और एक सहायक अभियंता द्वारा 30 दिन से अधिक समय तक आवेदन लंबित रखने पर स्पष्टीकरण तलब करते हुए एक सप्ताह में प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने मंडल के सभी जिलाधिकारियों को अपने अधीनस्थ न्यायालयों एवं जनता से जुड़े कार्यालयों का नियमित निरीक्षण करने और पिछले एक वर्ष में किए गए निरीक्षणों की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक वादों की सुनवाई न होना अवैध अतिक्रमण को बढ़ावा देता है, जिसे हर हाल में रोका जाना चाहिए।

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