भीमताल। वरिष्ठ कांग्रेस नेता मनोज शर्मा ने उत्तराखंड सरकार के प्रस्तावित मंत्रिमंडल विस्तार पर सवाल उठाते हुए इसे जनहित के बजाय राजनीतिक निर्णय बताया है। उन्होंने कहा कि जब सरकार का कार्यकाल कुछ ही महीनों का शेष रह गया है, ऐसे में मंत्रिमंडल विस्तार का औचित्य समझ से परे है।
मीडिया को जारी बयान में उन्होंने कहा कि राज्य पहले ही लगभग 99 हजार करोड़ रुपये के कर्ज के बोझ तले दबा हुआ है। ऐसे में नए मंत्रियों पर होने वाला अतिरिक्त वित्तीय व्यय प्रदेश पर और आर्थिक भार डालेगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 से तीन मंत्री पद रिक्त हैं और उस समय सरकार का कहना था कि इन रिक्त पदों से विकास कार्यों में कोई बाधा नहीं आ रही है।
उन्होंने सवाल उठाया कि चंद महीनों के लिए बनाए जाने वाले नए मंत्री जनता के लिए कितना लाभकारी सिद्ध होंगे। साथ ही आरोप लगाया कि यह कैबिनेट विस्तार राजनीतिक समीकरण साधने और पार्टी के आंतरिक असंतोष को शांत करने का प्रयास प्रतीत होता है।
शर्मा ने कहा कि प्रदेश की जनता को यह जानने का अधिकार है कि क्या सरकार अपने नेताओं की नाराजगी दूर करने के लिए जनता के टैक्स के पैसे का उपयोग कर रही है। उन्होंने इसे न तो जनहित में लिया गया निर्णय बताया और न ही प्रशासनिक आवश्यकता के अनुरूप।
उन्होंने कहा कि सरकार जनहित के मुद्दों से भटककर अपने आंतरिक संकटों के समाधान में लगी हुई है। साथ ही दावा किया कि जनता सरकार की मंशा को समझ चुकी है और समय आने पर इसका उचित जवाब देगी।