रामलीला मैदान में कांग्रेस की रैली को बताया ऐतिहासिक, कहा- वोट बचाओ, लोकतंत्र बचाओ के नारे से गूंज उठीं दिल्ली की सड़कें
भीमताल। कांग्रेस नेता मनोज शर्मा ने दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित कांग्रेस की ‘वोट बचाओ, लोकतंत्र बचाओ’ रैली और विशाल जनसभा को ऐतिहासिक करार दिया। उन्होंने कहा कि दिल्ली की सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब आजादी के आंदोलन के दौर की याद दिलाता है। रैली में युवा, महिलाएं, किसान, व्यापारी और समाज के हर वर्ग की भागीदारी देखने को मिली।
मनोज शर्मा ने कहा कि इंडिया गठबंधन की इस रैली में शामिल लोगों में केंद्र सरकार की नीतियों और कथित तानाशाही के खिलाफ जबरदस्त आक्रोश दिखाई दिया। दिल्ली की सड़कें आंदोलनकारियों से भरी नजर आईं और चारों ओर ‘वोट चोर, गद्दी छोड़ो’ तथा चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर नारे गूंजते रहे।
उन्होंने कहा कि ऐसा जनसैलाब इससे पहले महात्मा गांधी के नेतृत्व में आजादी के आंदोलन के दौरान देखने को मिला होगा। आज राहुल गांधी के नेतृत्व में जनता लोकतंत्र और अपने मताधिकार की रक्षा के लिए सड़कों पर उतर रही है। उन्होंने दावा किया कि देश की बड़ी आबादी राहुल गांधी को प्रधानमंत्री के रूप में स्वीकार कर चुकी है।
मनोज शर्मा ने कहा कि इस तरह की विशाल भीड़ प्रायोजित नहीं होती, बल्कि जनता स्वयं सरकार के प्रति अपना आक्रोश व्यक्त करने के लिए सड़कों पर उतरती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार को जनता के इस विरोध को समझना चाहिए। चुनाव प्रक्रिया और निर्वाचन आयोग की कार्यशैली को लेकर उठ रहे सवालों के बीच सरकार चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का बचाव करने में जुटी है।
उन्होंने कहा कि सरकार को लोकतांत्रिक मर्यादाओं का सम्मान करते हुए जनता की आवाज सुननी चाहिए। ज्ञानेश कुमार को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री और चुनाव आयुक्त से भी इस्तीफे की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि जनता की आवाज अनसुनी की गई तो आने वाले समय में देश के अन्य शहरों में भी इसी तरह के आंदोलन देखने को मिल सकते हैं।
नोट: रैली में भीड़, जनमत और इस्तीफे से जुड़े राजनीतिक दावे मनोज शर्मा के बयान के रूप में प्रस्तुत किए गए हैं।