एसआईआर की तैयारियों पर जिला प्रशासन सक्रिय, राजनैतिक दलों संग बैठक में साझा किए दिशा-निर्देश

भीमताल । विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। इसी क्रम में जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर एसआईआर प्रक्रिया से संबंधित विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान किसी भी पात्र मतदाता को असुविधा न हो, इसके लिए सभी स्तरों पर पुख्ता व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।
जिलाधिकारी ने बताया कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 के प्रावधानों के तहत भारत निर्वाचन आयोग द्वारा विशेष गहन पुनरीक्षण कराया जाता है। इससे पूर्व आयोग देश में 11 बार एसआईआर करा चुका है और उत्तराखण्ड में यह प्रक्रिया अंतिम बार वर्ष 2003 में संपादित हुई थी। उन्होंने कहा कि आयोग का उद्देश्य हर पात्र नागरिक को मतदाता सूची में शामिल करना है। संविधान के अनुच्छेद 326 के अनुसार 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुका कोई भी भारतीय नागरिक मतदाता सूची में पंजीकरण का अधिकारी है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन व्यक्तियों का नाम वर्ष 2003 की मतदाता सूची में दर्ज नहीं है, उन्हें अपने पंजीकरण हेतु पात्र दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। नागरिकता अधिनियम 1955 की धारा-3 के तहत 1950 के बाद जन्मे नागरिकों को तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया है, जिसके आधार पर उनकी नागरिकता निर्धारित होती है। बैठक में जन्म प्रमाण-पत्र, पासपोर्ट, शैक्षणिक प्रमाण-पत्र, सरकारी पहचान पत्र, जाति प्रमाण-पत्र, परिवार रजिस्टर और सरकारी आवंटन पत्र सहित आयोग द्वारा मान्य दस्तावेजों की सूची भी साझा की गई। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि आधार संख्या को नागरिकता या निवास प्रमाण के रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
राजनीतिक दलों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) की नियुक्ति पर भी जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने बताया कि प्रत्येक मतदान केंद्र के लिए बीएलए का उसी क्षेत्र का पंजीकृत मतदाता होना अनिवार्य है। बीएलए प्रारूप मतदाता सूची की जांच कर मृत, स्थानांतरित या गलत प्रविष्टियों की पहचान करेगा। उन्होंने बताया कि भाजपा और कांग्रेस द्वारा बीएलए-1 की नियुक्ति की जा चुकी है, जबकि भाजपा ने 212 बीएलए-2 भी नियुक्त किए हैं। सभी राष्ट्रीय दलों से 20 दिसम्बर तक बीएलए-1 और बीएलए-2 की सूची उपलब्ध कराने की अपील की गई है।
निर्वाचन कार्यों के सुचारू संचालन के लिए बूथ अवेयरनेस ग्रुप के गठन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। इसमें बीएलओ सुपरवाइजर अध्यक्ष, बीएलओ सदस्य, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी/ग्राम विकास अधिकारी/मनरेगा कर्मी तथा राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त बीएलए शामिल होंगे। बैठक में विभिन्न दलों के प्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए सवालों और शंकाओं का समाधान भी अधिकारियों ने किया।
बैठक में अपर जिलाधिकारी विवेक राय, उप जिलाधिकारी राहुल शाह, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी हंसा दत्त पाण्डे, कांग्रेस के सुहेल अहमद सिद्दीकी, राहुल छिमवाल, गोविन्द बिष्ट, भाजपा के प्रकाश पटवाल, रंजन सिंह बर्गली, दिनेश चन्द्र खुल्बे तथा बीएसपी के आसिफ हुसैन और कृष्ण चन्द्र मौजूद रहे।

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