कीवी की खेती से बदल दी उत्तराखण्ड की कृषि की तस्वीर, 87 साल की उम्र में भी कायम है जज़्बा
भीमताल : उत्तराखण्ड की कृषि क्षेत्र को नई दिशा देने वाले प्रगतिशील कृषक सगत सिंह मेहरा को गुरुवार को राजभवन नैनीताल में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने सम्मानित किया। 87 वर्षीय मेहरा को प्रदेश में ‘कीवी मैन’ के नाम से जाना जाता है। उन्होंने कीवी की खेती को राज्य में न केवल सफल बनाया, बल्कि इसे हजारों किसानों की आजीविका का साधन भी बना दिया।
राज्यपाल ने उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित करते हुए कहा कि, “सगत सिंह मेहरा जैसे नवाचारी किसान राज्य की असली पूंजी हैं। उन्होंने यह सिद्ध कर दिया है कि उम्र कोई बाधा नहीं होती, यदि इरादे मजबूत हों।” उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की जलवायु और भू-प्राकृतिक परिस्थितियाँ कीवी जैसे उच्च मूल्य वाले फलों के लिए अनुकूल हैं। राज्यपाल ने अधिकारियों से आग्रह किया कि सगत सिंह मेहरा के प्रयासों को मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया जाए, ताकि अधिक किसान प्रेरित होकर नकदी फसलों की ओर अग्रसर हो सकें। सगत सिंह मेहरा ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2000 से कीवी की खेती शुरू की थी। शुरुआती चुनौतियों के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और कीवी की नर्सरी तैयार कर अन्य जिलों बागेश्वर, पिथौरागढ़ आदि में भी पौधों की आपूर्ति की। उन्होंने बताया कि कीवी फल में औषधीय गुण होते हैं, जो बीमारियों से लड़ने में सहायक हैं। बीते कुछ वर्षों में इसकी मांग में काफी वृद्धि हुई है। राज्यपाल ने कहा कि यह उदाहरण ‘लोकल से ग्लोबल’ की भावना को साकार करता है। उन्होंने कृषि विभाग को निर्देशित किया कि कीवी की खेती को प्रोत्साहित करने हेतु विशेष योजनाएं तैयार की जाएं।