मुर्गी फार्म की दुर्गंध, फर्जी वारिसान और लंबित सड़क निर्माण मामलों पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश
भीमताल, 16 मई। आयुक्त एवं सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत ने शनिवार को कैंप कार्यालय हल्द्वानी में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में आमजन की समस्याएं सुनीं। इस दौरान भूमि विवाद, भरण-पोषण, जाति, स्थाई एवं जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, सड़क निर्माण तथा धोखाधड़ी जैसे गंभीर मामलों पर सुनवाई करते हुए अधिकांश शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया गया।
जनसुनवाई के दौरान गढ़खेत, विकासखंड गरुड़ (बागेश्वर) से क्षेत्र पंचायत सदस्य लक्ष्मण कुमार उर्फ लच्छू पहाड़ी ने डोकरा से सेलकोन तक प्रस्तावित पांच किलोमीटर सड़क निर्माण में हो रही देरी का मामला उठाया। उन्होंने बताया कि सड़क बनने से करीब 300 परिवारों को लाभ मिलेगा, लेकिन एक वर्ष से कार्य लंबित है। साथ ही थोलिया बजानी से मिजुलिया तक पीएमजीएसवाई के तहत प्रस्तावित 10 किलोमीटर सड़क निर्माण में भी देरी की शिकायत की गई, जिससे 200 परिवार प्रभावित हैं। इस पर आयुक्त दीपक रावत ने संबंधित अधिकारियों से वार्ता कर शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया।
गोलापार से पहुंचे एक शिकायतकर्ता ने घर के समीप संचालित मुर्गी फार्म से उठ रही दुर्गंध की शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ता के अनुसार फार्म में करीब 2000 मुर्गियां हैं, जिससे आसपास रहना मुश्किल हो रहा है। इस पर आयुक्त ने फार्म संचालक को साफ-सफाई, निष्प्रयोजित सामग्री के उचित निस्तारण, ट्रीटमेंट प्लांट एवं प्रबंधन व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही प्रदूषण नियंत्रण विभाग को जांच कर नियमों के उल्लंघन की स्थिति में कार्रवाई करने को कहा।
जू रोड तल्लीताल निवासी मनोहर सिंह ने ग्राम सभा भांगादेवली, तहसील लमगड़ा में बाहरी व्यक्तियों द्वारा वन पंचायत भूमि पर मोटर मार्ग निर्माण की शिकायत की। मामले में आयुक्त ने संबंधित उप जिलाधिकारी एवं तहसीलदार को जांच कर उचित कार्रवाई के निर्देश दिए।
रामनगर क्षेत्र के सावल्दे पश्चिम सेमलखलिया निवासी गोविंद सिंह ने भूमि पर फर्जी वारिसान दर्ज किए जाने की शिकायत की। उन्होंने आरोप लगाया कि मृतक अविवाहित व्यक्ति की भूमि पर गलत प्रमाण पत्रों के आधार पर नाम दर्ज कराए गए हैं। इस पर आयुक्त दीपक रावत ने तहसीलदार रामनगर को मामले की शीघ्र जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
इसके अतिरिक्त भी जनसुनवाई में प्राप्त अन्य शिकायतों का मौके पर निस्तारण करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।