भीमताल : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर गठित सेतु आयोग राज्य में युवाओं, किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए परिवर्तनकारी मंच बनने की दिशा में तेज़ी से कार्य कर रहा है। यह बात आयोग के उपाध्यक्ष राजशेखर जोशी ने गुरुवार को जिला उद्योग केंद्र, हल्द्वानी में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कही। उन्होंने बताया कि स्टेट इंस्टीट्यूट फॉर एंपावरिंग एंड ट्रांसफॉर्मिंग उत्तराखंड (सेतु आयोग) का उद्देश्य प्रदेश में तकनीक, नवाचार और उद्यमशीलता को बढ़ावा देना है। आयोग ने टाटा ट्रस्ट, बिल गेट्स फाउंडेशन, नैस्कॉम और महिंद्रा सहित कई प्रमुख संस्थाओं के साथ समझौते किए हैं, जिससे तकनीकी सहयोग, कौशल विकास और नवाचार को नई गति मिल रही है। जोशी ने कहा कि शहरी नियोजन को लेकर सेतु आयोग ने राज्य सरकार को एक रिपोर्ट भी सौंपी है, जिसमें देशभर की सफल योजनाओं के विश्लेषण के आधार पर सुझाव दिए गए हैं। आयोग के विशेषज्ञ अब शहरी विकास, वित्त और आर्किटेक्चर जैसे क्षेत्रों में योजनाओं के निर्माण में सहयोग देंगे। उन्होंने बताया कि शिक्षा को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जोड़ने की दिशा में आयोग सक्रिय है। आगामी शैक्षणिक सत्र से राज्य के उच्च और तकनीकी शिक्षण संस्थानों में AI आधारित कोर्स शुरू होंगे, जिससे हेल्थकेयर और मेडिकल टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। किसानों को लेकर उन्होंने कहा कि कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों से समझौते हुए हैं, जिससे उन्हें अपने उत्पादों के लिए सीधे बाजार तक पहुंच मिलेगी। इससे किसानों की आय में इजाफा होगा और उत्तराखंड के उत्पादों को देश-विदेश में पहचान मिलेगी।राजशेखर जोशी ने बताया कि युवाओं को व्यावहारिक और तकनीकी प्रशिक्षण दिलाने के लिए आयोग जल्द ही प्रमुख कंपनियों के साथ मिलकर कार्यक्रम शुरू करेगा। इससे स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण रोजगार के अवसर सृजित होंगे। अंत में उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में प्रदेश तेजी से समावेशी विकास की दिशा में अग्रसर है। आने वाले दो से तीन वर्षों में उत्तराखंड में बड़े निवेशकों के आने से राज्य का सामाजिक और आर्थिक परिदृश्य बदल जाएगा।