भीमताल। विधानसभा क्षेत्र भीमताल में सोलर लाइट वितरण को लेकर राजनीति तेज हो गई है। कांग्रेस नेता मनोज शर्मा ने आरोप लगाया है कि क्षेत्र के कई गांवों में सोलर लाइट वितरण में कथित तौर पर भेदभाव किया जा रहा है और केवल कुछ चुनिंदा लोगों को इसका लाभ दिया जा रहा है। उन्होंने सरकार से प्रत्येक घर तक सोलर लाइट पहुंचाने के लिए व्यापक कार्ययोजना बनाने की मांग की है।
मीडिया को जारी बयान में मनोज शर्मा ने कहा कि भीमताल विधानसभा के विभिन्न गांवों से लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि कुछ स्थानों पर सोलर लाइट केवल ‘चहेते’ लोगों को दी जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार और जनप्रतिनिधि चाहें तो पूरे विधानसभा क्षेत्र के प्रत्येक घर तक यह सुविधा पहुंचाई जा सकती है।
शर्मा ने कहा कि भीमताल विधानसभा लंबे समय से बाघ और जंगली जानवरों के आतंक से जूझ रही है। कई क्षेत्रों में लोगों की जान तक जा चुकी है। पर्वतीय गांवों में बिजली आपूर्ति बाधित रहने और कई दिनों तक अंधेरा छाए रहने की स्थिति में सोलर लाइट लोगों की सुरक्षा का प्रभावी माध्यम बन सकती है। उन्होंने मांग की कि प्रत्येक घर में कम से कम दो सोलर लाइट उपलब्ध कराई जाएं।
उन्होंने कहा कि ग्राम प्रधानों के पास सीमित संसाधन होते हैं, लेकिन सरकार के पास पर्याप्त व्यवस्था है। यदि व्यापक स्तर पर योजना बनाई जाए तो कम लागत में पूरे क्षेत्र को सोलर लाइट युक्त किया जा सकता है। साथ ही गांवों के पैदल मार्गों की झाड़ियों की सफाई कर बाघ के खतरे को भी कम किया जा सकता है।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि वर्तमान में कुछ स्थानों पर दलगत भावना से प्रेरित होकर नाम प्रस्तावित किए जा रहे हैं, जिससे कई जरूरतमंद लोग योजना से वंचित रह रहे हैं। इससे गांवों में असंतोष का माहौल बन रहा है। उन्होंने कहा कि ग्राम प्रधानों से प्रत्येक घर की सूची लेकर निष्पक्ष तरीके से लाभार्थियों का चयन किया जाना चाहिए।
शर्मा ने कहा कि जनहित को देखते हुए सरकार को दलगत भेदभाव से ऊपर उठकर भीमताल जैसे संवेदनशील पर्वतीय क्षेत्रों के लिए ठोस नीति बनानी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो वह जल्द ही इस मुद्दे को लेकर राज्यपाल से भी मुलाकात करेंगे।