प्राइवेट स्कूल की नौकरी छोड़ फूलों के व्यवसाय से खड़ा किया स्वरोजगार का मॉडल

उद्यान विभाग के सहयोग से भीमताल के राकेश बिष्ट बने प्रेरणा स्रोत, 20 युवाओं को दिया रोजगार

भीमताल : सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं अब धरातल पर रंग दिखाने लगी हैं। भीमताल निवासी राकेश बिष्ट ने उद्यान विभाग की योजनाओं का लाभ उठाकर फूलों की खेती में ऐसा मुकाम बनाया कि न सिर्फ खुद आत्मनिर्भर बने बल्कि 20 से अधिक युवाओं को भी रोजगार दे रहे हैं। निजी स्कूल में शिक्षक रहे राकेश आज सफल उद्यमी के रूप में क्षेत्र में मिसाल बन चुके हैं।
आईटी में एमएससी करने के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे राकेश शिक्षण कार्य से जुड़े थे, लेकिन इसमें उन्हें आत्मसंतुष्टि नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने कुछ अलग करने की ठानी और उद्यान विभाग से संपर्क कर फूलों की खेती शुरू की। विभाग की सहायता से उन्हें बांस से बना पालीहाउस अनुदान पर मिला, जहां उन्होंने सैकुलेंट और मौसमी फूलों की खेती शुरू की।
शुरुआत में उत्पादित फूलों को दिल्ली और बरेली की मंडियों में भेजा गया, जहां उन्हें अच्छी कीमत मिली। इसके बाद राकेश ने कारोबार का विस्तार किया और वर्तमान में उनके पास 100 से अधिक किस्मों के फूल हैं। इनमें सल्विया, पिटोनिया जैसे आकर्षक फूल शामिल हैं।
राकेश की नर्सरी में फिलहाल 20 से अधिक युवा कार्यरत हैं, जिनकी रहने और खाने की व्यवस्था भी की गई है। इसके साथ ही वे क्षेत्र के अन्य फूल उत्पादकों से फूल खरीदकर उन्हें भी बाजार उपलब्ध करा रहे हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर छोटे कारोबारियों को भी लाभ मिल रहा है।
राकेश का कहना है कि स्वरोजगार के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं, बस जरूरत है मेहनत, लगन और सही मार्गदर्शन की। उन्होंने उद्यान विभाग द्वारा मिले सहयोग को अपनी सफलता का अहम आधार बताया।

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