भीमताल : नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत उत्तराखंड के भीमताल स्थित 1.25 एमएलडी क्षमता वाले एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) में ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम लगाया जा रहा है। यह पहल राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन, जल शक्ति मंत्रालय भारत सरकार की ओर से की जा रही है। गुरुवार को नमामि गंगे की संयुक्त टीम ने प्लांट का स्थलीय निरीक्षण कर कार्य की प्रगति का जायजा लिया।
राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण एवं केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के दिशा-निर्देशों के अनुसार, 1 एमएलडी से अधिक क्षमता वाले सभी एसटीपी में रियल टाइम ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम अनिवार्य किया गया है। वर्तमान में उत्तराखंड में संचालित 70 एसटीपी में से 22 में यह सिस्टम स्थापित किया जा चुका है, जबकि अब 18 और एसटीपी चिन्हित किए गए हैं, जिनमें यह तकनीक लगाई जाएगी।
स्थलीय निरीक्षण के दौरान राज्य स्वच्छ गंगा मिशन से मॉनिटरिंग विशेषज्ञ व नोडल अधिकारी रोहित जयाड़ा, उत्तराखंड जल संस्थान के कनिष्ठ अभियंता प्रियांक प्रकाश और एसटीपी मैनेजर गौरव पांडेय मौजूद रहे। रोहित जयाड़ा ने कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधियों को रियल टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम के कार्यान्वयन, डाटा विश्लेषण और प्रदर्शन मूल्यांकन की प्रक्रिया की जानकारी दी।
निरीक्षण के दौरान जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से नामित मयंक कुमार भी मौजूद रहे। उन्होंने भी परियोजना की समीक्षा कर इसे तय समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। गौरतलब है कि मॉनिटरिंग सिस्टम लगने के बाद एसटीपी के संचालन की निगरानी राज्य और केंद्र सरकार के स्तर पर डिजिटल रूप से की जा सकेगी, जिससे प्रदूषित जल के नियंत्रण और गंगा नदी को निर्मल बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकेंगे।