त्वरित व सुलभ न्याय सुशासन का मूल मंत्र : अर्जुन राम मेघवाल

अधिवक्ता परिषद देवभूमि के प्रथम प्रांत अधिवेशन का शुभारंभ, नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन पर दिया जोर

भीमताल। अधिवक्ता परिषद देवभूमि (उत्तराखंड) के प्रथम प्रांत अधिवेशन का शुभारंभ शनिवार को एफटीआई परिसर में राष्ट्रभक्ति और गरिमामय वातावरण के बीच हुआ। उद्घाटन सत्र में केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि त्वरित एवं सुलभ न्याय ही सुशासन का मूल मंत्र है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का लक्ष्य प्रत्येक नागरिक को समयबद्ध और सुलभ न्याय उपलब्ध कराना है।

अधिवेशन का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन तथा मां भारती, डॉ. भीमराव आंबेडकर और दत्तोपंत ठेंगड़ी के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इस अवसर पर उत्तर क्षेत्र संगठन मंत्री श्रीहरि बोरेकर, प्रदेश अध्यक्षा जानकी सूर्या, क्षेत्रीय संयोजक विपिन त्यागी समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे।

केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि अंग्रेजों के समय बनाई गई दंड व्यवस्था का उद्देश्य दंड देना था, जबकि नए आपराधिक कानून न्याय देने की भावना से तैयार किए गए हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन से न्याय प्रक्रिया अधिक सरल, पारदर्शी और त्वरित होगी। ई-कोर्ट, ई-पोर्टल, ई-एफआईआर और टेली-लॉ जैसी व्यवस्थाएं आमजन को न्याय तक आसान पहुंच उपलब्ध करा रही हैं।

उन्होंने कहा कि लंबित मुकदमों के शीघ्र निस्तारण, न्यायिक सुधार और न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने की दिशा में भी सरकार लगातार कार्य कर रही है। साथ ही पर्यावरण संरक्षण, गौ संरक्षण और संविधान के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने में अधिवक्ताओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता रोजगार समाप्त नहीं करेगी, बल्कि रोजगार के नए अवसर पैदा करेगी।

उत्तर क्षेत्र संगठन मंत्री श्रीहरि बोरेकर ने कहा कि अधिवक्ता परिषद वर्ष 1992 से समाज में विधिक जागरूकता और न्याय व्यवस्था को सशक्त बनाने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की विषम भौगोलिक परिस्थितियों में अंतिम व्यक्ति तक न्याय पहुंचाना अधिवक्ताओं का सबसे बड़ा दायित्व है। उन्होंने नए आपराधिक कानूनों के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाने का आह्वान किया।

क्षेत्रीय संयोजक विपिन त्यागी ने कहा कि यह अधिवेशन संगठन के इतिहास में मील का पत्थर साबित होगा और इससे संगठन को नई दिशा एवं ऊर्जा मिलेगी।

कार्यक्रम में सांसद अजय भट्ट, आयोजन समिति अध्यक्ष पीयूष तिवारी, प्रदेश महामंत्री अनुज शर्मा सहित प्रदेशभर से आए सैकड़ों अधिवक्ता, पदाधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। अधिवेशन के आगामी सत्रों में उत्तराखंड की विधिक चुनौतियों, संगठनात्मक विषयों और राष्ट्र निर्माण में अधिवक्ताओं की भूमिका पर विस्तार से मंथन किया जाएगा।

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