आईईसी वैन को हरी झंडी, 100 से अधिक स्थानीय उद्यमियों ने लिया हिस्सा
भीमताल, 21 अगस्त। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए शुक्रवार को विकास भवन भीमताल में मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना (एमयूवाई) चौपाल का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन जिला पंचायत अध्यक्ष दीपा दरम्वाल ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में इच्छुक उद्यमियों को प्रशिक्षण, क्षमता विकास, वित्तीय सहायता और बाजार से जोड़ने की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में ब्लॉक प्रमुख डॉ. हरीश बिष्ट, भाजपा मंडल अध्यक्ष कमल जोशी और मुख्य विकास अधिकारी अरविंद पांडे मौजूद रहे। राज्य स्तरीय कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी किया गया। उपस्थित लोगों ने मुख्यमंत्री का संबोधन सुना। मुख्यमंत्री ने महिला स्वयं सहायता समूहों के प्रयासों की सराहना करते हुए लखपति दीदी से करोड़पति दीदी बनने के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने का आह्वान किया।
ग्रामीण क्षेत्रों में योजना की जानकारी पहुंचाने के लिए अतिथियों ने आईईसी जागरूकता वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। वैन गांव-गांव जाकर एमयूवाई योजना, स्वरोजगार, प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और उद्यम स्थापना से जुड़ी जानकारी ग्रामीणों तक पहुंचाएगी।
एमयूवाई चौपाल में करीब 80 से 100 स्थानीय उद्यमियों ने प्रतिभाग किया। उन्हें उद्यम शुरू करने, क्षमता वर्धन, वित्तीय सहायता और मार्केट लिंकेज के संबंध में जानकारी दी गई। स्थानीय उद्यमियों ने अपने अनुभव और सफलता की कहानियां भी साझा कीं।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना, एनआरएलएम और ग्रामोत्थान योजना से जुड़े स्वयं सहायता समूहों एवं स्थानीय उद्यमियों के उत्पादों के स्टॉल भी लगाए गए। अतिथियों ने स्टॉलों का निरीक्षण कर स्थानीय उत्पादों की सराहना की।
नौकुचियाताल में भी लगी चौपाल
एमयूवाई चौपाल के प्रथम दिवस ग्राम पंचायत नौकुचियाताल में भी कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें 65 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। यहां चौपाल की अवधारणा, नामांकन प्रक्रिया, स्थानीय जरूरतों के आधार पर व्यवसायिक अवसर, बिजनेस आइडिया, सरकारी सेवाओं और आईईसी वैन की भूमिका के बारे में जानकारी दी गई।
अधिकारियों ने बताया कि एमयूवाई चौपाल के माध्यम से सरकारी सेवाओं और योजनाओं को सीधे गांव-गांव तक पहुंचाया जाएगा। इससे ग्रामीण युवाओं, महिलाओं और इच्छुक उद्यमियों को नए व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यमिता की संस्कृति विकसित करने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करना और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना है।
कार्यक्रम में एनआरएलएम, आरईएपी, आरसेटी, मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना से जुड़े अधिकारी-कर्मचारी, बीएमएम, एबीडीओ, आईपीआरपी, आरसेटी फैकल्टी एवं आरईएपी के कर्मचारी मौजूद रहे।