पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर उठाए सवाल, पुलिस पर लापरवाही का आरोप
भीमताल : चार जून को हुए जितेन बोरा हत्याकांड में अब तक कोई ठोस कार्रवाई न होने से आक्रोशित ग्रामीणों ने बुधवार को पूर्व दर्जा राज्य मंत्री हरीश पनेरु के नेतृत्व में खनस्यू थाने का घेराव किया। प्रदर्शनकारी ग्रामीणों ने तीन घंटे तक थाने में धरना देते हुए पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की।
पूर्व दर्जा राज्य मंत्री पनेरु ने पुलिस महानिरीक्षक कुमाऊं मंडल के नाम एक ज्ञापन भी भेजा, जिसमें पुलिस पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए गए। ज्ञापन में कहा गया कि घटना के 15 दिन बाद भी न तो हत्याकांड का पर्दाफाश हो पाया है और न ही संदिग्धों से सख्ती से पूछताछ की जा रही है। उन्होंने पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर भी सवाल खड़े करते हुए कहा कि रिपोर्ट में भारी त्रुटियां हैं, जिससे यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि पोस्टमार्टम जितेन बोरा का ही हुआ या किसी और का। इससे परिजनों की शंका और अधिक गहराती जा रही है।पूर्व मंत्री ने आरोप लगाया कि पुलिस न केवल मामले को दबाने का प्रयास कर रही है, बल्कि पीड़ित परिवार को ही डराने-धमकाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि 25 वर्ष के जवान बेटे को खोने के बाद भी पीड़ित परिवार को न्याय के बजाय पुलिस की प्रताड़ना झेलनी पड़ रही है, जो बेहद निंदनीय है।
थानाध्यक्ष विजयपाल ने काफी मशक्कत और बहस के बाद दो दिन का समय मांगते हुए घटना के शीघ्र खुलासे का आश्वासन दिया। धरने में नारायण सिंह, खीम सिंह बिष्ट, प्रकाश नैनवाल, करन बोरा, टीकम खानवल, भारत खानवल, पान सिंह शेरकर, महतोलीया, जीवन बोरा, दिनेश बोरा, गजेंद्र सिंह बोरा, दीपक दुर्गपाल, प्रकाश मटियाली, केसर आर्य, कमल बोरा, रोहित थूवाल, मोहन पलाड़िया, कमल पोखरिया, सतीश सहित सैकड़ों ग्रामीण शामिल हुए।