भीमताल। विपरीत परिस्थितियों में भी अदम्य साहस और मजबूत इच्छाशक्ति का परिचय देते हुए न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर से पीड़ित छात्र श्रीवारी साह ने हाईस्कूल परीक्षा में 62.8 प्रतिशत अंक प्राप्त कर एक प्रेरणादायक मिसाल पेश की है।
वर्ष 2008 में जन्मे श्रीवारी साह बचपन से ही न्यूरोलॉजिकल समस्या से जूझ रहे हैं। इस बीमारी के चलते देखने के बावजूद उनके मस्तिष्क को चीजों को समझने में कठिनाई होती है, वहीं कई बार उन्हें बेहोशी की समस्या का भी सामना करना पड़ता है। इसके अतिरिक्त वे लगभग 75 प्रतिशत विजुअल डिसएबिलिटी से भी प्रभावित हैं।
इन तमाम चुनौतियों के बावजूद श्रीवारी ने हार नहीं मानी। उन्होंने सीबीएसई बोर्ड की परीक्षा में प्रावधान के तहत लेखक (राइटर) की सहायता से परीक्षा दी। श्रीवारी ने लॉन्ग व्यू पब्लिक स्कूल, नैनीताल से परीक्षा देकर 62.8 प्रतिशत अंक हासिल किए, जो उनकी मेहनत और आत्मविश्वास की बड़ी जीत है।
श्रीवारी के माता-पिता श्वेता साह और अधिवक्ता नीरज साह ने भावुक होते हुए बताया कि उन्होंने हर कठिन परिस्थिति में अपने बेटे का हौसला बनाए रखा, उसे कभी कमजोर नहीं पड़ने दिया और हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उनका कहना है कि मजबूत इरादों के आगे कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती।
श्रीवारी की इस उपलब्धि पर विद्यालय परिवार, अध्यापकों और क्षेत्रवासियों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।