139वीं जयंती पर मल्लीताल में हुआ मुख्य कार्यक्रम, मेधावी विद्यार्थियों और पत्रकारों को किया सम्मानित
भीमताल। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री और देश के पूर्व गृहमंत्री भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत की 139वीं जयंती पर गुरुवार को जिलेभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर उन्हें श्रद्धापूर्वक याद किया गया। मल्लीताल में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और लोगों ने पंडित पंत की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत ने कहा कि पंडित गोविंद बल्लभ पंत ने संयुक्त प्रांत उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और देश के गृहमंत्री के रूप में महत्वपूर्ण दायित्व निभाए। राष्ट्र के प्रति उनके योगदान के लिए उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया। उन्होंने बताया कि अल्मोड़ा में पंडित पंत का भव्य मंदिर, प्रतिमा और स्मारक तैयार हो चुका है।
नशे के बजाय युवाओं को दूध पीने की प्रेरणा
कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत ने कहा कि प्रदेश को नशामुक्त बनाने के लिए सरकार लगातार अभियान चला रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में करीब 28 लाख परिवार और लगभग 30 लाख बच्चे हैं। ऐसे में समाज के प्रत्येक व्यक्ति को नशामुक्त उत्तराखंड के संकल्प में भागीदारी करनी होगी।
नगर पालिका अध्यक्ष सरस्वती खेतवाल ने मंत्री की मौजूदगी में उपस्थित लोगों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई। मंत्री ने युवाओं से नशे से दूर रहने और इसके बजाय दूध का सेवन करने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं और आगंतुकों को दूध वितरित कर स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया गया।
दो विद्यालयों के उच्चीकरण की मांग
नैनीताल विधायक सरिता आर्या ने कहा कि पंडित गोविंद बल्लभ पंत ने कुमाऊं के सामाजिक और राजनीतिक उत्थान के साथ देश के स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने किसानों, गरीबों और वंचित वर्गों के हितों के लिए निरंतर कार्य किया। प्रशासन में हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने और सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन की दिशा में भी उनका योगदान उल्लेखनीय रहा।
विधायक ने अपने क्षेत्र के दो विद्यालयों के उच्चीकरण की मांग शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत के समक्ष रखी। मंत्री ने इस संबंध में स्वीकृति का आश्वासन दिया।
खूंट गांव से निकलकर देश की राजनीति में बनाई पहचान
दर्जा राज्य मंत्री दिनेश चंद्र आर्या ने कहा कि पंडित गोविंद बल्लभ पंत ने कुमाऊं का नाम देश-दुनिया में रोशन किया। अल्मोड़ा के खूंट गांव से निकलकर उन्होंने देश की राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई। स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाने के बाद आजाद भारत के निर्माण में भी उन्होंने महत्वपूर्ण योगदान दिया।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री के रूप में पंत ने उद्योग, शिक्षा और कृषि सहित विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण कार्य किए। तत्कालीन नैनीताल जिले के तराई क्षेत्र में कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना भी उनके दूरदर्शी प्रयासों का परिणाम रही। यहां शिक्षा और शोध के माध्यम से कृषि क्षेत्र को नई दिशा मिली और देश को कृषि के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने में योगदान मिला।
पत्रकारों और मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत ने जहांगीर राजू, संपादक हिंदुस्तान, अमर उजाला के वरिष्ठ पत्रकार रविंद्र पांडे, गिरीश रंजन तिवारी, दर्जा राज्य मंत्री शांति मेहरा, दीपक बर्गली, भावना कांडपाल, डॉ. नेहा साह, चंद्रशेखर जोशी और चंद्रा पंत को अंगवस्त्र एवं प्रतीक चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।
परीक्षा में उच्च अंक प्राप्त करने वाले खुर्पाताल निवासी नवल कुमार और कविता मेहरा को भी गोविंद बल्लभ पंत सम्मान प्रदान किया गया। सांस्कृतिक और गायन प्रस्तुतियां देने वाले स्कूली छात्र-छात्राओं को भी सम्मानित किया गया।
इस दौरान विधायक सरिता आर्या, दर्जा राज्य मंत्री शांति मेहरा व दिनेश चंद्र आर्या, नगर पालिका अध्यक्ष सरस्वती खेतवाल, सांसद प्रतिनिधि गोपाल रावत, भाजपा मंडल अध्यक्ष नितिन कार्की, पूर्व सांसद महेंद्र सिंह पाल, पूर्व विधायक नारायण जयंतवाल, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष नैनीताल, पूर्व सभासद दीपक बर्गली समेत अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी, शिक्षक, विद्यार्थी और गणमान्य लोग मौजूद रहे।