कांग्रेस नेता बोले- भाजपा अध्यक्ष का बयान विभाजनकारी सोच और राजनीतिक संस्कारों को दर्शाता है
भीमताल। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की ओर से कांग्रेस नेता राहुल गांधी को लेकर की गई टिप्पणी पर कांग्रेस नेता मनोज शर्मा ने कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने भाजपा अध्यक्ष के बयान को निंदनीय और आपत्तिजनक बताते हुए सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की।
मनोज शर्मा ने कहा कि नितिन नवीन ने राहुल गांधी को ‘राहुल मियां’ कहकर संबोधित किया, जो भाजपा की विभाजनकारी सोच को उजागर करता है। उन्होंने कहा कि इस तरह की भाषा भाजपा के राजनीतिक संस्कारों को भी प्रदर्शित करती है। बयान को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ ही युवाओं में भी रोष है।
उन्होंने कहा कि नितिन नवीन को देवभूमि उत्तराखंड आकर अंकिता भंडारी के स्वजन को न्याय दिलाने के लिए सरकार को निर्देशित करना चाहिए था। साथ ही उस भाजपा के वीवीआईपी का नाम सार्वजनिक करवाना चाहिए, जिसका मामला लंबे समय से चर्चा में रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पिछले दस वर्षों में व्यवस्था की बदहाली किसी से छिपी नहीं है।
मनोज शर्मा ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के अदूरदर्शी निर्णयों के कारण प्रदेश का युवा, मातृशक्ति, व्यापारी और किसान समेत समाज का हर वर्ग परेशान है। उन्होंने कहा कि आज राहुल गांधी देश के युवाओं और हर वर्ग की आवाज बनकर उनके मुद्दे उठा रहे हैं। सरकार को जो काम करने चाहिए, उन्हें विपक्ष के नेता के रूप में राहुल गांधी प्रमुखता से उठा रहे हैं।
उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस परिवार का देश की आजादी के लिए बलिदान का लंबा इतिहास रहा है, उसके राहुल गांधी को देशभक्ति का पाठ पढ़ाना भाजपा नेताओं को शोभा नहीं देता। उन्होंने भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के इतिहास का उल्लेख करते हुए भी भाजपा अध्यक्ष पर सवाल उठाए।
मनोज शर्मा ने कहा कि नितिन नवीन जिस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं, वह आजादी के बाद लंबे समय तक नागपुर स्थित संघ कार्यालय में तिरंगा नहीं फहराने को लेकर सवालों के घेरे में रही है। ऐसे में भाजपा नेताओं को राष्ट्रभक्ति पर उपदेश देने से पहले अपने इतिहास पर नजर डालनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि नितिन नवीन का बयान देश के राजनीतिक माहौल को खराब करने वाला है। देश नितिन नवीन की इस तरह की बयानबाजी को माफ नहीं करेगा। उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष से अपने बयान के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की।