कहा—मिड सेशन में शिक्षकों के तबादले से बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़, सप्ताहभर में व्यवस्था नहीं सुधरी तो होगा उग्र आंदोलन
भीमताल। धारी ब्लॉक के राजकीय इंटर कॉलेज गुनियालेख से एक साथ छह शिक्षकों और प्रभारी प्रधानाचार्य के स्थानांतरण को लेकर क्षेत्र के अभिभावकों में खासा आक्रोश व्याप्त है। कांग्रेस नेता मनोज शर्मा ने शिक्षकों के तबादले पर नाराजगी जताते हुए इसे क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था के साथ खिलवाड़ बताया है।
शर्मा ने कहा कि गुनियालेख इंटर कॉलेज क्षेत्र का एकमात्र इंटर कॉलेज है, जहां बड़ी आबादी के छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण करते हैं। विद्यालय में पहले से ही शिक्षकों की कमी के चलते पठन-पाठन व्यवस्था प्रभावित है। क्षेत्रीय जनता लंबे समय से विद्यालय की शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग करती आ रही है। ऐसे में मिड सेशन में एक साथ छह शिक्षकों और प्रभारी प्रधानाचार्य का तबादला किया जाना समझ से परे है।
उन्होंने गुरुवार को मुख्य शिक्षा अधिकारी नैनीताल से मुलाकात कर विद्यालय की स्थिति से अवगत कराया और शिक्षकों के स्थानांतरण के कारण उत्पन्न हुई समस्या पर रोष व्यक्त किया। मनोज शर्मा ने कहा कि जब क्षेत्र की जनता लगातार विद्यालय में पठन-पाठन व्यवस्था सुधारने की मांग कर रही है, तब व्यवस्था सुधारने के बजाय शिक्षकों के तबादले किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार और क्षेत्रीय सांसद-विधायक की यह कार्यप्रणाली जनता की परेशानी बढ़ाने वाली है।
शर्मा ने कहा कि सरकार आखिर चाहती क्या है। शिक्षा व्यवस्था पहले से ही बदहाल है और अब एक साथ शिक्षकों के स्थानांतरण से विद्यालय की स्थिति और गंभीर हो गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र के जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों की ओर से इस महत्वपूर्ण विषय पर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है।
उन्होंने कहा कि गुनियालेख इंटर कॉलेज में पढ़ने वाले बच्चों का भविष्य दांव पर लगा है। विद्यालय क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और यहां शिक्षकों की कमी का सीधा असर छात्र-छात्राओं की पढ़ाई पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को तत्काल इस मामले में हस्तक्षेप कर शिक्षण व्यवस्था को पटरी पर लाना चाहिए।
शर्मा ने चेतावनी देते हुए कहा कि एक सप्ताह के भीतर गुनियालेख इंटर कॉलेज में शिक्षकों के सभी रिक्त पदों पर नियुक्ति की जाए, पूर्ण प्रभारयुक्त प्रधानाचार्य की तैनाती की जाए और तत्काल प्रभाव से शिक्षण व्यवस्था दुरुस्त की जाए। यदि सप्ताहभर में व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो कांग्रेस कार्यकर्ताओं और क्षेत्रीय जनता के साथ सरकार की इस गैर-जिम्मेदार कार्यप्रणाली के खिलाफ उग्र आंदोलन किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि बच्चों के भविष्य के साथ किसी भी कीमत पर खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।