ज्योलिकोट में जलजनित रोगों की रोकथाम को जल संस्थान ने तेज की कार्रवाई

चार टैंकरों से 110 परिवारों को 15,500 लीटर शुद्ध पेयजल की आपूर्ति, 14 शिकायतों का निस्तारण

भीमताल, 10 सितंबर। ज्योलिकोट क्षेत्र में जलजनित रोगों की रोकथाम और शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए उत्तराखंड जल संस्थान ने युद्धस्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी है। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के निर्देशन में गुरुवार को विभागीय टीमों ने प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करने के साथ पेयजल लाइनों, स्रोतों और टैंकों की जांच की।

अधिशासी अभियंता जल संस्थान नैनीताल ई. पिल्लई ने बताया कि समस्या प्रभावित क्षेत्रों में चार विभागीय टैंकरों और पिकअप के माध्यम से ज्योलिकोट के रामलीला मैदान, डाक बंगला, ज्योलिकोट बाजार तथा बेलुवाखान के अमुवा और गांजा तोक के 110 परिवारों को करीब 15,500 लीटर शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया गया।

पेयजल लाइनों की फ्लशिंग, शिकायतों का निस्तारण

ज्योलिकोट में देवलदुंगा की 500 मीटर लंबी पेयजल लाइन की फ्लशिंग की गई। छीड़ा तोक की मुख्य पेयजल लाइन की भी फ्लशिंग के बाद टैंकर के माध्यम से पाइप लाइन को जोड़कर पेयजल आपूर्ति सुचारू की गई। पेयजल से संबंधित विभिन्न स्तरों पर प्राप्त 14 शिकायतों का भी निस्तारण किया गया।

अधीक्षण अभियंता जल संस्थान नैनीताल विशाल सक्सेना, अधिशासी अभियंता और विभागीय टीम ने ज्योलिकोट के रामलीला मैदान तथा दुर्गापुर वीरभट्टी स्रोत से पेयजल के नमूने एकत्र किए। सरियाताल वीरभट्टी की पुरानी पेयजल लाइन की जांच में क्लोरीनेशन संतोषजनक पाया गया। वीरभट्टी क्षेत्र के आसपास के जलपान गृह संचालकों को शुद्ध पेयजल के संबंध में जागरूक करते हुए हाइपोक्लोराइड उपलब्ध कराया गया।

आठ पेयजल नमूने लिए

शेरमुख स्रोत की जांच कर उसकी सफाई कराई गई। इसके अलावा विभिन्न स्थानों से पेयजल के आठ नमूने एकत्र किए गए। ज्योलिकोट के विभिन्न घरों में सर्वे कर लोगों को शुद्ध पेयजल के उपयोग के प्रति जागरूक किया गया। सेंट एंथोनी स्कूल की पेयजल पाइप लाइन की भी जांच की गई।

बेलुवाखान के अमुवा और गांजा तोक में लगातार पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पाइप लाइन की मरम्मत का कार्य कराया गया। साथ ही पानी के टैंकों में क्लोरीनेशन भी कराया गया।

सीवर लाइन के स्थायी समाधान की कवायद

दुर्गापुर स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का भी निरीक्षण किया गया। प्रेमा साह जगाती स्कूल के समीप पूर्व में सामने आए सीवर रिसाव की स्थायी रोकथाम के लिए 100 मीटर मुख्य सीवर लाइन को बाईपास करने का कार्य प्रगति पर है।

दूषित जल की रोकथाम और लोगों को जागरूक करने के लिए विभिन्न सार्वजनिक स्थानों पर फ्लैक्सी पंपलेट के माध्यम से सूचना चस्पा की गई है। वहीं ज्योलिकोट के ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों के सुझाव के क्रम में जल जीवन मिशन के तहत बसानी-डाबर स्रोत से निर्मित 100 किलोलीटर क्षमता के टैंक को मुख्य पेयजल लाइन से जोड़कर आपूर्ति सुचारू करने के लिए भी निरीक्षण किया गया।

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