धारी के गांवों में बाघ का आतंक, ग्रामीण भय के साये में जीने को मजबूर

कांग्रेस नेता मनोज शर्मा ने वन विभाग की कार्यशैली पर उठाए सवाल, प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग

भीमताल। धारी ब्लॉक के विभिन्न गांवों में बाघ की सक्रियता से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। आबादी वाले क्षेत्रों में बाघ की आवाजाही और पालतू जानवरों पर हमलों की घटनाओं को लेकर कांग्रेस नेता मनोज शर्मा ने वन विभाग की कार्यशैली पर नाराजगी जताई है। उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार शिकायत और सुझाव देने के बावजूद विभागीय स्तर पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है।

मनोज शर्मा ने बताया कि रिवर साइड क्षेत्र में बाघ की मौजूदगी को लेकर पहले भी चिंता जताई जाती रही है। उनके अनुसार, इस सप्ताह पलड़ा गांव में पप्पू आघरिया के घर के आसपास बाघ की गतिविधियां देखी गई हैं। वहीं, बबियाड़ गांव में भी कई स्थानों पर बाघ की आवाजाही बनी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि गांव के निवासी राजेंद्र प्रसाद के कई पालतू जानवर बाघ का शिकार बन चुके हैं। बुधवार सुबह बाघ उनके गोठ में घुसकर एक बकरी उठा ले गया। उन्होंने दावा किया कि इसके बाद भी क्षेत्र में बाघ की गतिविधियां जारी हैं।

वर्षों से भय के माहौल में जी रहे ग्रामीण

मनोज शर्मा ने कहा कि क्षेत्र भ्रमण के दौरान ग्रामीणों ने उन्हें बाघ के आतंक के कारण रोजमर्रा की दिनचर्या प्रभावित होने की जानकारी दी। लोगों को खेतों, पैदल रास्तों और घरों के आसपास आवाजाही के दौरान अनहोनी का डर बना रहता है। उन्होंने आरोप लगाया कि वन विभाग के अधिकारियों से लगातार संवाद करने और आवश्यक सुझाव देने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।

उन्होंने कहा कि बाघ प्रभावित क्षेत्रों का चिह्नीकरण करने, पैदल मार्गों की सफाई कराने तथा जंगल से सटे आबादी वाले इलाकों में सोलर लाइट और आवश्यक स्थानों पर सोलर वॉल पैनल लगाने की मांग कई बार की जा चुकी है। इसके बावजूद इन मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने क्षेत्रीय सांसद और विधायक की भूमिका पर भी सवाल उठाए।

मुआवजा और व्यापक कार्ययोजना सार्वजनिक करने की मांग

कांग्रेस नेता ने सरकार और वन विभाग से मांग की कि बाघ के हमलों में पालतू जानवर गंवाने वाले राजेंद्र प्रसाद सहित अन्य प्रभावित पशुपालकों को तत्काल नियमानुसार उचित मुआवजा दिया जाए। साथ ही बाघ प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं और समस्या से निपटने के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार कर उसे सार्वजनिक किया जाए।

मनोज शर्मा ने चेतावनी दी कि यदि सरकार, वन विभाग और जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए तो वह सरकार और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ व्यापक विरोध प्रदर्शन करेंगे।

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