कृषि वैज्ञानिक और मुख्य कृषि अधिकारी ने देखी धान की फसल
भीमताल। विज्ञान केंद्र ज्योलीकोट के कृषि वैज्ञानिक डॉ कंचन नैनवाल और मुख्य कृषि अधिकारी डॉ वीके सिंह यादव ने संयुक्त रूप से ग्राम ढुगसिंल के तोक बेरीजाला और ग्राम खैरोलापंत में धान की फसलों के साथ ही अन्य फसलों का ग्राम में स्थलीय निरीक्षण किया। किसानों की फसलों का स्थलीय निरीक्षण करने बाद पाया कि किसानों ने धान की फसल के साथ ही अन्य फसलोें मेे कीट की रोकथाम के लिए रासायनिक कीटनाशकों का प्रयोग किया जा रहा है। जो स्वास्थ्य के साथ ही पर्यावरण के लिए उचित नहीं है। उन्होंने क्षेत्र के किसानों को सलाह दी है कि बीज बुवाई से पूर्व संस्तुत रसायनों से शोधित करें औल रोगरोधी प्रजातियों का प्रयोग किया जाए। उन्होंने उर्वरकों का प्रयोग संतुलित मात्रा में करके फसल में कीट रोग नियंत्रण के लिए समेकित कीट प्रबन्धन आईपीएम की पद्धितियों को अपनायें के साथ फसल चक्र का प्रयोग करने को कहा। उन्होंने कहा अनावश्यक फसलों पर रसायनों के प्रयोग से पर्यावरण के साथ ही स्वास्थ्य को हानि होती है। इसलिए सभी कृषक कीट नाशक के साथ ही उर्वरक आदि का फसलों में प्रयोग करने से पूर्व तकनीक का इस्तेमाल अवश्य करें साथ ही खेती की मिट्टी की जांच अवश्य कराए। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए कृषि विज्ञान केंद्र ज्योलीकोट या मुख्य कृषि अधिकारी नैनीताल से सम्पर्क कर सकते है। स्थलीय निरीक्षण के दौरान कृषि रक्षा अधिकारी संतोषी, विकास खंड प्रभारी ममता जोशी, न्यायपंचायत प्रभारी बंशीधर काण्डपाल आदि मौजूद थे।