भीमताल। भारी बारिश के चलते भीमताल विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। मुख्य मोटर मार्गों से लेकर गांवों के पैदल रास्तों तक जगह-जगह पानी भरने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़कों पर बने गड्ढों में पानी भरने से दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है। कांग्रेस नेता मनोज शर्मा ने सरकार और जनप्रतिनिधियों पर आपदा के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों की अनदेखी का आरोप लगाया है।
मनोज शर्मा ने मीडिया को जारी बयान में कहा कि वह पिछले दो दिनों से विधानसभा के दूरस्थ क्षेत्रों में हैं। इन क्षेत्रों में कई स्थानों पर बिजली और मोबाइल नेटवर्क की सुविधा उपलब्ध नहीं है। वर्षों से रखरखाव के अभाव में गांवों के पैदल रास्ते बदहाल होकर नालों में तब्दील हो चुके हैं। भारी बारिश के दौरान इन रास्तों पर तेज पानी बह रहा है, जिससे ग्रामीणों का आवागमन मुश्किल हो गया है।
उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा को हर बार जिम्मेदारी से बचने का बहाना नहीं बनाया जा सकता। यदि पिछले वर्षों में आपदा से बचाव और जल निकासी की स्थायी व्यवस्था पर गंभीरता से काम किया गया होता तो आज ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे हालात नहीं बनते। उन्होंने आरोप लगाया कि आपदा मद में आने वाली धनराशि का सही इस्तेमाल नहीं होने से समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।
सड़कों पर जलभराव से बढ़ा हादसों का खतरा
मनोज शर्मा ने मुख्य मोटर मार्गों की बदहाल स्थिति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय में पेचवर्क और डामरीकरण के नाम पर कार्य किए गए, लेकिन बारिश शुरू होते ही कई सड़कों की स्थिति सामने आ गई। जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश का पानी सड़कों पर बह रहा है। जगह-जगह बने गड्ढों में पानी भरने से वाहन चालकों को सड़क की वास्तविक स्थिति का पता नहीं चल पा रहा है, जिससे हादसे का खतरा बना हुआ है।
उन्होंने कहा कि दूरस्थ गांवों में अनेक गरीब परिवारों के मकान भी बारिश के कारण संवेदनशील स्थिति में हैं। बिजली और मोबाइल कनेक्टिविटी बाधित होने से आपदा के समय ग्रामीणों की मुश्किलें और बढ़ जाती हैं।
चुनावी तैयारियों पर भी साधा निशाना
मनोज शर्मा ने सत्ताधारी दल के नेताओं पर चुनावी तैयारियों में जुटने का आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव से एक वर्ष पहले जनता की समस्याओं के समाधान पर ध्यान दिया जाना चाहिए, लेकिन क्षेत्र में अभी से चुनावी गतिविधियां तेज हो गई हैं। उन्होंने कहा कि जब नेता चुनावी ढोल बजाने में व्यस्त होंगे तो क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं का समाधान कैसे होगा।
उन्होंने युवाओं से पिछले दस वर्षों के विकास कार्यों का आकलन करने की अपील की। कहा कि जनता को यह सवाल पूछना चाहिए कि दस वर्षों में क्षेत्र का कितना विकास हुआ और नेताओं का कितना। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार चुनावी लाभ के लिए जाति और धर्म के मुद्दों को हवा देने में लगी है। उन्होंने युवाओं से विकास और जनसमस्याओं के मुद्दे पर एकजुट होने का आह्वान किया।
मनोज शर्मा ने कहा कि क्षेत्र की जनता अब सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार जैसे मूलभूत मुद्दों पर जवाबदेही चाहती है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार और क्षेत्र की बदहाली के खिलाफ जनता को आवाज बुलंद करनी होगी।