राष्ट्रीय खेल दिवस पर उत्तराखंड को मिली खेल विश्वविद्यालय की सौगात

गौलापार में 43.50 करोड़ की लागत से पहले चरण के निर्माण कार्यों का शिलान्यास, 150 विद्यार्थियों के साथ प्रथम शैक्षणिक सत्र शुरू

भीमताल। राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर शनिवार को उत्तराखंड के खेल जगत में नया अध्याय जुड़ गया। गौलापार स्थित अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम परिसर में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और खेल मंत्री रेखा आर्या ने राज्य के पहले खेल विश्वविद्यालय के प्रथम चरण के निर्माण कार्यों का भूमि पूजन और शिलान्यास किया। करीब 43.50 करोड़ रुपये की लागत से होने वाले इन निर्माण कार्यों के साथ विश्वविद्यालय के प्रथम शैक्षणिक सत्र का भी शुभारंभ किया गया। पहले बैच में करीब 150 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और खेल मंत्री रेखा आर्या ने दीप प्रज्वलित कर किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। सरकार खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाएं और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने में कोई कमी नहीं छोड़ेगी।

खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि गौलापार की यह भूमि अब प्रदेश के खिलाड़ियों के सपनों को आकार देने वाली भूमि बनने जा रही है। उन्होंने कहा कि अब उत्तराखंड के युवाओं को उच्चस्तरीय कोचिंग, स्पोर्ट्स साइंस, स्पोर्ट्स मेडिसिन और इंजरी रिकवरी जैसी सुविधाओं के लिए दिल्ली या विदेश का रुख नहीं करना पड़ेगा।

उन्होंने खिलाड़ियों से कहा कि सरकार ने मंच उपलब्ध करा दिया है, अब खिलाड़ी मेहनत और पसीने के दम पर देश-दुनिया में तिरंगा फहराएं।

पदक विजेताओं को प्रोत्साहन राशि

समारोह के दौरान अंतरराष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ियों को प्रोत्साहन राशि का डीबीटी के माध्यम से सीधे खातों में हस्तांतरण किया गया। वहीं, मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन एवं प्रोत्साहन योजना के तहत चयनित खिलाड़ियों को छात्रवृत्ति प्रदान की गई।

वर्ष 2024-25 के देवभूमि खेल रत्न और देवभूमि द्रोणाचार्य पुरस्कार से उत्कृष्ट खिलाड़ियों एवं प्रशिक्षकों को स्मृति चिह्न, प्रशस्ति पत्र और चेक देकर सम्मानित किया गया।

पहला बैच रचेगा इतिहास : रेखा आर्या

शिलान्यास समारोह से पहले खेल मंत्री रेखा आर्या ने खेल विश्वविद्यालय के प्रथम शैक्षणिक सत्र में प्रवेश लेने वाले करीब 150 विद्यार्थियों के साथ संवाद किया। उन्होंने विद्यार्थियों को ऐतिहासिक प्रथम बैच का हिस्सा बनने पर बधाई देते हुए उनकी आकांक्षाएं और सुझाव जाने।

संवाद के दौरान बैचलर इन स्पोर्ट्स साइंस, बैचलर इन स्पोर्ट्स मैनेजमेंट और डिप्लोमा इन स्पोर्ट्स कोचिंग के विद्यार्थियों से खेल मंत्री ने सीधे बातचीत की। उन्होंने कहा कि आधुनिक दौर में खेल केवल मैदान तक सीमित नहीं है। बायोमैकेनिक्स, स्पोर्ट्स न्यूट्रिशन, इंजरी प्रिवेंशन और स्पोर्ट्स मार्केटिंग जैसे विषय भी खेलों का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं।

उन्होंने कहा कि स्पोर्ट्स साइंस खिलाड़ियों के प्रदर्शन को वैज्ञानिक आधार देगा, जबकि स्पोर्ट्स मैनेजमेंट प्रदेश में खेल प्रशासन को पेशेवर बनाने में मदद करेगा।

छात्रों में दिखा उत्साह

विद्यार्थियों ने कहा कि राज्य में ही आधुनिक स्पोर्ट्स साइंस लैब, अत्याधुनिक एथलेटिक ट्रैक, इंडोर कॉम्प्लेक्स और अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षकों का मार्गदर्शन मिलना उनके लिए सपने के सच होने जैसा है।

खेल मंत्री ने कहा कि विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल वैज्ञानिकों, फिजियोथेरेपिस्टों और विशेषज्ञों की टीम उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रथम बैच के विद्यार्थी केवल विश्वविद्यालय का पहला बैच नहीं हैं, बल्कि वे उत्तराखंड के खेल इतिहास के नए अध्याय का हिस्सा बन रहे हैं।

कार्यक्रम में सांसद अजय भट्ट, विधायक सरिता आर्या, मोहन सिंह बिष्ट, दीवान सिंह बिष्ट, मेयर हल्द्वानी गजराज सिंह बिष्ट, पूर्व विधायक महेश नेगी, उत्तराखंड ओलंपिक संघ के सचिव डीके सिंह समेत जनप्रतिनिधि, अधिकारी, खिलाड़ी और खेल प्रेमी मौजूद रहे।

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