स्थानांतरण सूची में अनियमितता का आरोप, संगठन ने दी आंदोलन की चेतावनी
भीमताल। उत्तराखंड लोक सेवकों के वार्षिक स्थानांतरण अधिनियम-2017 के तहत जनपद नैनीताल में प्रारंभिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों के हुए स्थानांतरण को लेकर शिक्षकों में भारी रोष है। शिक्षकों ने जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक शिक्षा पर स्थानांतरण प्रक्रिया में मनमानी और नियमों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है।
शिक्षकों का कहना है कि हल्द्वानी, रामनगर और भीमताल विकासखंड में कई पद रिक्त होने के बावजूद पात्र शिक्षकों को इन पदों पर स्थानांतरित नहीं किया गया। आरोप है कि स्थानांतरण से पूर्व कई बार जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक शिक्षा को जनपद में उपलब्ध रिक्तियों की जानकारी दी गई, लेकिन इसके बावजूद रिक्त पदों को स्थानांतरण प्रक्रिया में उचित तरीके से शामिल नहीं किया गया।
संगठन के जिला मंत्री बंशीधर कांडपाल ने बताया कि कई शिक्षक गंभीर बीमारियों से पीड़ित हैं। वहीं, कुछ शिक्षकों के बच्चे मानसिक दिव्यांगता अथवा अन्य गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं। इसके अलावा विधवा, विदुर और तलाकशुदा शिक्षकों ने भी वार्षिक स्थानांतरण के लिए आवेदन किए थे, लेकिन उनके प्रकरणों पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ ऐसे स्थानांतरण भी किए गए हैं, जिन विद्यालयों के विकल्प संबंधित शिक्षकों ने आवेदन में भरे ही नहीं थे। इससे स्थानांतरण सूची की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं।
पति-पत्नी और प्रधानाध्यापकों के प्रकरण भी लंबित
संगठन के अनुसार उच्च प्राथमिक स्तर पर पति-पत्नी को एक ही स्थान पर कार्यरत किए जाने के लिए भी आवेदन किए गए थे, लेकिन इन प्रकरणों पर भी विचार नहीं किया गया। वहीं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में प्रधानाध्यापक पद पर कार्यरत कई वरिष्ठ शिक्षकों ने प्रधानाध्यापक के रिक्त पदों के लिए आवेदन किया था, लेकिन उनका भी स्थानांतरण नहीं किया गया। संगठन ने आशंका जताई कि यदि रिक्त प्रधानाध्यापक पदों को समय रहते नहीं भरा गया तो भविष्य में इन पदों के समाप्त होने अथवा पदों को नुकसान पहुंचने की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
धारा 17 के क्रम का पालन नहीं करने का आरोप
शिक्षकों ने स्थानांतरण सूची में उत्तराखंड लोक सेवकों के वार्षिक स्थानांतरण अधिनियम-2017 की धारा 17 की उपधारा 1, 2, 3, 4 और 5 के प्रावधानों का पालन नहीं होने का भी आरोप लगाया है। उनका कहना है कि स्थानांतरण प्रक्रिया में निर्धारित उत्तरोत्तर क्रम का पालन किया जाना चाहिए था, लेकिन सूची में इसका पालन नहीं हुआ।
इसके अतिरिक्त उच्च प्राथमिक स्तर पर विज्ञान वर्ग में हल्द्वानी विकासखंड में रिक्तियां उपलब्ध होने के बावजूद संबंधित शिक्षकों को उन पदों पर स्थानांतरित नहीं किया गया। आरोप है कि संबंधित विद्यालयों को प्रथम और द्वितीय वरीयता में विकल्प दिए जाने के बावजूद कुछ शिक्षकों का स्थानांतरण तीसरी वरीयता वाले विद्यालय में कर दिया गया। वहीं उच्च प्राथमिक स्तर पर भाषा विषय में कुछ शिक्षकों द्वारा विकल्प नहीं भरे जाने के बावजूद उनका स्थानांतरण किए जाने का आरोप लगाया गया है।
सीईओ व अपर निदेशक से मिलेगा संगठन
बंशीधर कांडपाल ने कहा कि संगठन जल्द ही मुख्य शिक्षा अधिकारी नैनीताल और अपर शिक्षा निदेशक कुमाऊं मंडल से मुलाकात कर स्थानांतरण सूची में सामने आई खामियों और शिक्षकों के लंबित प्रकरणों के निस्तारण की मांग करेगा। उन्होंने कहा कि यदि जिला शिक्षा अधिकारी स्तर से सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो संगठन आंदोलन के लिए बाध्य होगा।