जिला पंचायत बोर्ड बैठक में विकास योजनाओं, गौशालाओं व स्वास्थ्य सुविधाओं पर मंथन

भीमताल । अध्यक्ष जिला पंचायत दीपा दरमवाल की अध्यक्षता में जिला पंचायत बोर्ड की बैठक सर्किट हाउस काठगोदाम में सम्पन्न हुई। बैठक में क्षेत्र प्रमुखों, जिला पंचायत सदस्यों तथा विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने प्रतिभाग किया।
बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 की विकास योजनाओं पर चर्चा की गई। इस दौरान सदस्यों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याएं सदन के समक्ष रखीं। प्रभारी जिलाधिकारी एवं मुख्य अधिकारी अरविन्द कुमार पाण्डे ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाई गई समस्याओं का तत्परता से समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि अधिकारी फील्ड में जाकर समस्याओं को समझें और सभी जनप्रतिनिधियों के सहयोग से विकास कार्यों को गति दें। साथ ही स्वच्छता अभियान में भी सक्रिय सहभागिता करने की अपील की।
बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में निराश्रित पशुओं से हो रहे नुकसान एवं दुर्घटनाओं का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। इस पर मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने जानकारी दी कि जनपद में रामनगर, बैलपड़ाव, मालधनचौड़, लालकुआं एवं हल्दूचौड़ में गौशालाएं संचालित हैं, लेकिन इनमें क्षमता से अधिक पशु रखे गए हैं। वर्तमान में इन गौशालाओं में लगभग 3100 गोवंश हैं, जिनके भरण-पोषण हेतु पशुपालन विभाग द्वारा प्रति पशु प्रतिदिन 80 रुपये दिए जाते हैं। उन्होंने बताया कि जिला पंचायत द्वारा रामनगर के मालधनचौड़ में नई गौशाला निर्माण के लिए डीपीआर तैयार की जा रही है। साथ ही जिन क्षेत्रों में गौशालाएं नहीं हैं, वहां भूमि चयन की प्रक्रिया चल रही है। सदस्यों से सरकारी भूमि चिन्हित कर प्रस्ताव उपलब्ध कराने की अपील की गई।
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने उत्तराखंड सरकार की ग्राम गौसेवक योजना की जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना के अंतर्गत पांच नरगोवंश के पालन हेतु 400 रुपये प्रतिदिन दिए जाते हैं। वर्तमान में जनपद में 31 ग्राम गौसेवक कार्यरत हैं। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों से योजना का लाभ उठाने की अपील की। बैठक में पर्वतीय क्षेत्रों के सदस्यों ने पीएचसी व सीएचसी केंद्रों में अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे एवं 108 एंबुलेंस सुविधा न होने की शिकायत की। इस पर मुख्य विकास अधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिए कि रामगढ़, धारी, ओखलकांडा एवं बेतालघाट ब्लॉकों में प्रत्येक माह रोस्टरवार स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे तथा दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाए जाएं। साथ ही पीएचसी/सीएचसी में बाहर की दवाइयां लिखने पर प्रतिबंध की सख्त मॉनिटरिंग के निर्देश दिए।

जंगली जानवरों से फसलों व जान-माल को हो रहे नुकसान पर भी चर्चा हुई। सदस्यों ने संवेदनशील क्षेत्रों में सौर ऊर्जा चालित अथवा कंटीले तारों की फेंसिंग लगाने की मांग की। इस पर मुख्य विकास अधिकारी ने वन विभाग व कृषि विभाग को प्राथमिकता के आधार पर फेंसिंग एवं नियमित पेट्रोलिंग के निर्देश दिए तथा वन्यजीवों से होने वाले नुकसान पर ठोस कार्ययोजना बनाने को कहा।
इसके अतिरिक्त शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिदिन कूड़ा निस्तारण सुनिश्चित करने, पर्वतीय क्षेत्रों के आंतरिक मार्गों पर झाड़ियों की सफाई, क्षतिग्रस्त सड़कों को गड्ढामुक्त करने तथा जल जीवन मिशन के तहत लंबित पेयजल समस्याओं का शीघ्र समाधान करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में उपाध्यक्ष जिला पंचायत देवकी देवी, ब्लॉक प्रमुख केडी रूवाली, मंजू नेगी, जिला विकास अधिकारी गोपाल गिरी गोस्वामी, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत महेश कुमार सहित जिला पंचायत सदस्य एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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