भीमताल । धारी ब्लॉक के अधिकांश क्षेत्रों में हुई ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। क्षेत्र में सब्जियों और फलों की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। कांग्रेस नेता मनोज शर्मा ने प्रभावित किसानों को तत्काल बाजार मूल्य के आधार पर मुआवजा देने की मांग उठाई है।
शर्मा ने कहा कि विशेष रूप से मज्यूली न्याय पंचायत क्षेत्र में किसानों को भारी क्षति हुई है। ओलावृष्टि से आलू, मटर, गोभी और शिमला मिर्च की फसलें बर्बाद हो गई हैं, जबकि फल पट्टी क्षेत्र में आड़ू, पुलम और खुमानी के फलों को भी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि इस समय तैयार अवस्था में मौजूद पहाड़ का अमृत कहे जाने वाले काफल के फल भी ओलों की मार से नष्ट हो गए हैं। लगातार हो रही ओलावृष्टि और अतिवृष्टि से किसानों की हाड़तोड़ मेहनत चौपट हो रही है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि नुकसान स्पष्ट दिखाई दे रहा है, ऐसे में सर्वे के नाम पर किसानों को बार-बार उलझाना उचित नहीं है। सरकार को बिना किसी देरी के किसानों को बाजार मूल्य के अनुसार मुआवजा देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पर्वतीय क्षेत्रों के किसान लगातार प्राकृतिक आपदाओं का सामना कर रहे हैं और बीमा कंपनियों की कार्यप्रणाली से भी किसान परेशान हैं।
उन्होंने कहा कि हर बार ओलावृष्टि के बाद किसानों को राहत का आश्वासन दिया जाता है, लेकिन जमीनी स्तर पर परिणाम नजर नहीं आते। सरकार को हिमाचल प्रदेश की तर्ज पर पर्वतीय किसानों के लिए विशेष कृषि नीति बनानी चाहिए, अन्यथा खेती-बाड़ी से किसानों का मोहभंग होगा और पलायन की समस्या और गंभीर हो सकती है।