कैंची धाम बाईपास निर्माण को मिली हरी झंडी, गुलाब घाटी हेतु वन भूमि भी स्वीकृत

सांसद अजय भट्ट ने दी जानकारी, जुलाई से शुरू होगा निर्माण कार्य

भीमताल : नैनीताल-उधम सिंह नगर के सांसद एवं पूर्व केंद्रीय रक्षा व पर्यटन राज्य मंत्री अजय भट्ट ने शुक्रवार को बताया कि कैंची धाम बाईपास निर्माण से जुड़ी सभी आपत्तियां अब समाप्त हो चुकी हैं। लगभग 19 किलोमीटर लंबे इस बाईपास में 8 किलोमीटर का कार्य पूर्व में ही पूरा हो चुका है, जबकि शेष 11 किलोमीटर मार्ग के लिए पहाड़ कटान की निविदा आमंत्रित कर दी गई है।
भट्ट ने बताया कि कुल ₹450 लाख की लागत से बनने वाले इस बाईपास को तीन चरणों में तैयार किया जाएगा। प्रथम चरण में पहाड़ कटान एवं 70 मीटर लंबे सेतु का निर्माण किया जाएगा, द्वितीय चरण में दीवार एवं कलमठ का निर्माण होगा, जबकि अंतिम चरण में डामरीकरण का कार्य किया जाएगा। यह निर्माण कार्य जुलाई माह से शुरू होकर आगामी 18 महीनों में पूर्ण किया जाएगा।उन्होंने यह भी बताया कि काठगोदाम से अमृतपुर बैंड तक बाईपास निर्माण हेतु पूर्व में वन भूमि हस्तांतरण के प्रस्ताव पर नोडल कार्यालय, वन संरक्षक देहरादून द्वारा क्षतिपूरक वृक्षारोपण को लेकर आपत्ति जताई गई थी। अब इस संबंध में रामनगर के समीप 7.8 हेक्टेयर डी-ग्रेडेड फॉरेस्ट लैंड वृक्षारोपण के लिए उपलब्ध करा दी गई है, जिससे इस परियोजना का रास्ता भी साफ हो गया है।
सांसद भट्ट ने कहा कि इन दोनों बाईपासों के निर्माण से पर्वतीय क्षेत्रों की ओर जाने वाले वाहनों एवं पर्यटकों को वैकल्पिक मार्ग मिल सकेगा, जिससे हल्द्वानी-काठगोदाम की यातायात व्यवस्था में भी बड़ा सुधार होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि काठगोदाम-अमृतपुर बाईपास और कैंची धाम बाईपास दो अलग-अलग परियोजनाएं हैं, जिन पर निर्माण कार्य शीघ्र ही प्रारंभ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार लगातार कुमाऊं क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों दोनों को सुविधा मिले।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *