कैंची धाम बाईपास लगभग तैयार, 25 हजार नामांतरण और 12 हजार जन्म-मृत्यु पंजीकरण मामलों का निस्तारण
भीमताल, 18 मई। राज्यपाल गुरमीत सिंह ने सोमवार को लोक भवन नैनीताल में कुमाऊं मंडल एवं नैनीताल जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ अलग-अलग बैठक कर प्रशासनिक, विकासात्मक और पर्यटन संबंधी व्यवस्थाओं की समीक्षा की। राज्यपाल ने दूरस्थ एवं सीमांत क्षेत्रों में विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर देते हुए अधिकारियों को अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए।
बैठक में कुमाऊं मंडल आयुक्त दीपक रावत ने राज्यपाल को मंडल की प्रमुख उपलब्धियों और विकास योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कैंची धाम के लिए बनाया जा रहा बाईपास लगभग तैयार हो चुका है, जिससे श्रद्धालुओं को आवागमन में सुविधा मिलेगी और यातायात व्यवस्था सुगम होगी। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि किच्छा में निर्माणाधीन एम्स सैटेलाइट सेंटर अगले दो से तीन माह में तैयार होने की संभावना है, जिससे क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होगा।
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने जनपद में राजस्व, जन्म-मृत्यु पंजीकरण, भूमि विवाद निस्तारण और होमस्टे संचालन की व्यवस्थाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भूमि नामांतरण प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया गया है। अब पटवारी गांवों में चौपाल लगाकर मौके पर खतौनी का वाचन और संशोधन कर रहे हैं, जिसके तहत अब तक लगभग 25 हजार लाभार्थियों के नाम दर्ज किए जा चुके हैं।
उन्होंने बताया कि जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण के लिए विशेष अभियान चलाकर करीब 12 हजार मामलों का निस्तारण किया गया है और शून्य लंबित स्थिति प्राप्त की गई है। वहीं भूमि सीमांकन, मेड़ विवाद, पैमाइश और पारिवारिक भूमि बंटवारे जैसे मामलों के समाधान के लिए गठित राजस्व प्रवर्तन समिति के माध्यम से अब तक लगभग 3,400 मामलों का निस्तारण किया जा चुका है।
जिलाधिकारी ने बताया कि जिले में कई स्थानों पर होमस्टे व्यावसायिक होटल की तरह संचालित पाए गए हैं। ऐसे मामलों में कार्रवाई करते हुए लगभग 300 होमस्टे संचालकों को नोटिस जारी किए गए हैं तथा निरस्तीकरण की प्रक्रिया जारी है।
राज्यपाल ने मंजूनाथ टीसी से जिले की कानून-व्यवस्था और पर्यटन सीजन के दौरान यातायात प्रबंधन की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि नैनीताल आने वाले पर्यटकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और सुरक्षा एवं ट्रैफिक प्रबंधन बेहतर रखा जाए।