भीमताल। माननीय उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल के दिशा-निर्देशों एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल के अध्यक्ष/जिला न्यायाधीश प्रशांत जोशी के आदेशानुसार शुक्रवार को पंचायत भवन जंगलियागांव, भीमताल में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का संचालन सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पारुल थपलियाल द्वारा किया गया।
शिविर में मानव तस्करी जैसे गंभीर अपराध पर विस्तार से जानकारी दी गई। बताया गया कि मानव तस्करी एक गैरकानूनी कृत्य है, जिसमें लाभ कमाने के उद्देश्य से बल, धोखाधड़ी या दबाव के माध्यम से लोगों को फंसाना, एक स्थान से दूसरे स्थान ले जाना, आश्रय देना अथवा खरीद-फरोख्त करना शामिल है। इसमें जबरन श्रम, यौन शोषण और दुर्व्यवहार जैसे अपराध शामिल होते हैं, जिसे आधुनिक दासता और मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन माना जाता है।
शिविर में यह भी बताया गया कि मानव तस्करी देश के भीतर या अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के पार भी हो सकती है तथा इससे निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय कानून, राष्ट्रीय नीतियां और विभिन्न संस्थाएं कार्य कर रही हैं। साथ ही जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की कार्यप्रणाली और निशुल्क विधिक सहायता प्राप्त करने के पात्र व्यक्तियों की जानकारी भी दी गई।
कार्यक्रम में ग्राम प्रधान राधा कुल्याल, अंजू पांडे, मीना देवी सहित स्थानीय लोग उपस्थित रहे।