चाफी–पदमपुरी–धारी मोटर मार्ग पर रूट डायवर्जन को लेकर मनोज शर्मा ने सरकार को घेरा

भीमताल। चाफी से पदमपुरी–धारी मोटर मार्ग पर चल रहे डामरीकरण कार्य के लिए किए गए रूट डायवर्जन को लेकर भीमताल विधानसभा के कांग्रेस नेता मनोज शर्मा ने राज्य सरकार और संबंधित विभाग पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने करीब दो सप्ताह तक मार्ग डायवर्ट रखने के निर्णय को “जनविरोधी” बताते हुए इसे कैबिनेट मंत्री का “तुगलकी फरमान” करार दिया।
शर्मा ने कहा कि बीते लगभग 10 वर्षों से यह मोटर मार्ग बदहाल स्थिति में था। सड़क गड्ढों से भरने के बाद कई स्थानों पर खतरनाक स्थिति पैदा हो गई थी, जिससे दोपहिया वाहन चालकों और स्कूली बच्चों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय तक जनता सड़क सुधार की मांग करती रही, लेकिन सरकार ने इस ओर गंभीरता नहीं दिखाई।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में क्षेत्र में फल और सब्जियों का सीजन शुरू हो चुका है। ऐसे समय में बिना स्थानीय लोगों और काश्तकारों से परामर्श लिए प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से रात 8 बजे तक मार्ग डायवर्ट करना किसानों, व्यापारियों और आम लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है। उनका कहना है कि यही समय मंडियों तक उत्पाद पहुंचाने, स्कूल-कॉलेज से बच्चों के घर लौटने और लोगों के दैनिक आवागमन का होता है।
शर्मा ने कहा कि पर्यटक सीजन के दौरान इस प्रकार का निर्णय छोटे-बड़े कारोबारियों पर भी प्रतिकूल असर डाल सकता है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि डामरीकरण कार्य के लिए रूट डायवर्जन जरूरी था तो रात के समय कार्य कर यातायात को प्रभावित होने से बचाया जा सकता था।
उन्होंने कहा कि देशभर में हाईवे और संकरी सड़कों पर भी डामरीकरण कार्य के दौरान यातायात संचालन जारी रहता है, लेकिन यहां पूरी व्यवस्था को प्रभावित कर दिया गया है। उन्होंने मांग की कि वर्तमान व्यवस्था पर पुनर्विचार करते हुए स्थानीय वाहनों, फल-सब्जी परिवहन और आपातकालीन सेवाओं के लिए वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
शर्मा ने सरकार से रूट डायवर्जन की मौजूदा व्यवस्था समाप्त कर अन्य व्यावहारिक विकल्पों पर विचार करने की मांग की है।

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