2043 करोड़ की ड्रेनेज योजना पर शासन स्तर पर मंथन, प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में पहले शुरू होगा काम
भीमताल, 15 मई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर कुमाऊं मंडल के शहरों में जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान को लेकर बड़ी पहल शुरू हो गई है। कुमाऊं आयुक्त एवं सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत द्वारा तैयार कराए गए 2043 करोड़ रुपये के ड्रेनेज प्रस्तावों की शुक्रवार को शासन स्तर पर समीक्षा की गई।
सचिवालय में आयोजित बैठक में प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम ने सिंचाई एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में दीपक रावत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए और विभिन्न शहरों की स्थिति तथा प्रस्तावित योजनाओं की जानकारी दी।
बैठक में निर्णय लिया गया कि पहले चरण में जलभराव से सबसे अधिक प्रभावित 10 शहरों को प्राथमिकता पर लिया जाएगा। इनमें टनकपुर, बनबसा, खटीमा, रूद्रपुर, काशीपुर, गदरपुर, सितारगंज, हल्द्वानी और मालधनचौड़ शामिल हैं। इन शहरों में भी सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में पहले ड्रेनेज कार्य शुरू किया जाएगा।
बताया गया कि प्रथम चरण के बाद शेष चार शहरों को द्वितीय चरण में शामिल किया जाएगा। सभी कार्य पूर्व तैयार मास्टर प्लान के अनुसार चरणबद्ध तरीके से पूरे किए जाएंगे।
प्रमुख सचिव ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में जल्द ड्रेनेज कार्य शुरू कर जनता को राहत पहुंचाई जाए तथा मास्टर प्लान को तय समय सीमा में लागू किया जाए।
बैठक में सिंचाई विभाग सहित शासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।