आपदा से निपटने की तैयारी परखी: नैनीताल जिले की छह जगहों पर मॉक ड्रिल, नाव पलटने, भूस्खलन, भगदड़ और बस दुर्घटना जैसे हालात का किया गया अभ्यास

भीमताल, 17 मार्च (सूवि)। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निर्देश पर मंगलवार को जनपद नैनीताल की छह स्थानों पर व्यापक आपदा पूर्वाभ्यास अभियान (मॉक ड्रिल) आयोजित किया गया। इस दौरान नैनीताल, हल्द्वानी, कालाढूंगी, कैंचीधाम, ओखलकांडा और खनस्यू क्षेत्रों में भूस्खलन, नाव पलटना, भगदड़, बाघ का हमला, बस दुर्घटना और त्वरित बाढ़ जैसी आपदा स्थितियों का अभ्यास कर राहत एवं बचाव व्यवस्था की तैयारियों को परखा गया।
पूर्वाह्न 10:30 बजे जिला आपदा परिचालन केंद्र नैनीताल को विभिन्न स्थानों से आपदा की काल्पनिक सूचनाएं प्राप्त हुईं। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, वन विभाग और आपदा प्रबंधन की टीमें सक्रिय हो गईं और आईआरएस प्रणाली को तत्काल क्रियाशील करते हुए सभी स्थानों पर राहत एवं बचाव दल रवाना किए गए। सभी तहसीलों में स्टेजिंग एरिया बनाकर घायलों को प्राथमिक उपचार और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई गई।
मल्लीताल स्थित बोट हाउस क्लब क्षेत्र में नाव पलटने की सूचना पर राहत दल ने तुरंत पहुंचकर ताल में गिरे पांच पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाला। इनमें चार को मौके पर ही प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई, जबकि एक की हालत गंभीर होने पर उसे बीडी पांडे चिकित्सालय नैनीताल रेफर किया गया।
कालाढूंगी के वन क्षेत्राधिकार कार्यालय के पास बाघ के हमले की सूचना पर वन विभाग और पुलिस की टीमों ने संयुक्त सर्च अभियान चलाकर घायल व्यक्ति को जंगल से बरामद किया। उसे प्राथमिक उपचार के बाद सीएचसी कालाढूंगी भेजा गया, जबकि बाघ को ट्रेंकुलाइज कर नैनीताल भेज दिया गया।
चार्टन लॉज क्षेत्र में भूस्खलन की घटना में सात लोगों के दबने की सूचना पर बचाव दल ने तीन लोगों को हल्की चोटों के साथ सुरक्षित बाहर निकालकर घर भेजा। तीन अन्य को उपचार के बाद छुट्टी दी गई, जबकि एक घायल को उच्च उपचार के लिए रेफर किया गया।
कैंचीधाम मंदिर परिसर में भगदड़ की सूचना पर बचाव दल ने 20 लोगों को सुरक्षित निकाला। इनमें तीन को स्टेजिंग एरिया में प्राथमिक उपचार दिया गया, जबकि एक व्यक्ति को उपचार के लिए सीएचसी खैरना में भर्ती कराया गया।
ओसाड़ बैण्ड के पास ओखलकांडा और करायल के बीच बस के खाई में गिरने की सूचना पर 35 यात्रियों को रेस्क्यू किया गया। 14 घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद परिजनों को सौंप दिया गया, जबकि खाई में गिरे चार गंभीर घायलों को उपचार के लिए सीएससी/पीएचसी ओखलकांडा व खनस्यू रेफर किया गया।
हल्द्वानी के कल्सिया नाला क्षेत्र में त्वरित बाढ़ की स्थिति में 12 घायलों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इनमें 10 को मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया, जबकि दो गंभीर घायलों को बेस अस्पताल हल्द्वानी रेफर किया गया।
मॉक ड्रिल के दौरान प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य, वन विभाग, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों ने समन्वय के साथ राहत एवं बचाव कार्यों का प्रदर्शन किया। अपर जिलाधिकारी शैलेंद्र सिंह नेगी ने सभी घटनाओं की ऑनलाइन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से निगरानी करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
इस अवसर पर डीडीओ गोपाल गिरी गोस्वामी, आरटीओ गुरुदेव सिंह, एसीएमओ, पुलिस कंट्रोल रूम से आनंद पंत और एनडीआरएफ इंस्पेक्टर नाजिम हुसैन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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