भीमताल। गौलापार में प्रस्तावित खेल विश्वविद्यालय की भूमि हस्तांतरण प्रक्रिया पूरी होने के बाद खेल मंत्री रेखा आर्या पहली बार मौके पर पहुंचीं। इस दौरान वह भावुक नजर आईं और भूमि की मिट्टी माथे से लगाकर नमन किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लाखों खिलाड़ियों के लिए यह स्थान किसी तीर्थस्थल से कम नहीं है।
मंगलवार को खेल मंत्री रेखा आर्या ने गौलापार स्थित उस भूमि का निरीक्षण किया, जिसे हाल ही में वन विभाग से खेल विश्वविद्यालय के लिए अंतिम रूप से हस्तांतरित किया गया है। निरीक्षण के दौरान उन्होंने परिसर में चल रहे समतलीकरण कार्यों का जायजा लिया और अधिकारियों को गुणवत्ता के साथ निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। वर्तमान में भूमि समतलीकरण, झाड़ियों की सफाई और अन्य अवरोध हटाने का कार्य तेजी से किया जा रहा है।
निरीक्षण के दौरान खेल मंत्री ने कहा कि किसी के लिए यह जमीन का एक टुकड़ा हो सकती है, लेकिन खेल मंत्री और प्रदेश के खिलाड़ियों के लिए यह किसी तीर्थस्थल से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि इसी भूमि पर उत्तराखंड के खिलाड़ियों के सपनों को नई उड़ान मिलेगी और भविष्य के राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी तैयार होंगे।
रेखा आर्या ने कहा कि मिट्टी माथे से लगाते समय उनके मन में उन खिलाड़ियों का संघर्ष और सपने उभर आए, जो लंबे समय से बेहतर खेल सुविधाओं की प्रतीक्षा कर रहे हैं। यह केवल विश्वविद्यालय की भूमि नहीं, बल्कि उत्तराखंड के खेल भविष्य की मजबूत नींव है। आने वाले समय में यह स्थान खेल उत्कृष्टता का बड़ा केंद्र बनेगा।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में यह महत्वाकांक्षी परियोजना अब धरातल पर उतर रही है, जो उत्तराखंड को देश के अग्रणी खेल राज्यों की श्रेणी में स्थापित करने में अहम भूमिका निभाएगी।
निरीक्षण के दौरान खेल उपनिदेशक राशिका सिद्दकी, जिला खेल अधिकारी निर्मला पंत, वरुण बेनीवाल, सतीश कुमार सहित विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।