भीमताल : जमरानी बांध निर्माण के दौरान संभावित रूप से प्रभावित होने वाले ग्रामीण क्षेत्रों के निवासियों ने रविवार को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। बैठक में सर्वसम्मति से विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करते हुए बांध निर्माण का स्वागत किया गया, लेकिन साथ ही स्थानीय समस्याओं और मांगों को भी प्रमुखता से उठाया गया।
बैठक में ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से मांग की कि पनियामेहता, रौशिलजाला, जमरानी अना, अमियां, डहरा और पशोली जैसे नदी किनारे स्थित गांवों के निवासियों को प्रभावित क्षेत्र में चिन्हित किया जाए। ग्रामीणों ने बताया कि इन गांवों में से कई गांव या तो भूस्खलन के खतरे में हैं या नदी के कटाव से प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने प्रभावित गांवों का भूगर्भीय सर्वेक्षण कराने की भी मांग की ताकि समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
ग्रामीणों ने जमरानी बांध निर्माण कार्यों में स्थानीय निवासियों को उनकी योग्यता के आधार पर रोजगार देने की मांग की। उन्होंने बताया कि बांध निर्माण कंपनी ने क्षेत्रीय युवाओं से रोजगार के लिए आवेदन मांगे थे, लेकिन अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है।
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि यदि प्रशासन उनकी मांगों पर ध्यान नहीं देता है, तो 15 दिसंबर को फिर से बैठक कर आगे की रणनीति तैयार की जाएगी।
बैठक में सुरेश चंद्र, चिंतामणि, जगदीश चंद्र, कृष्ण चंद्र बृजवासी, खीमानंद, हरीश, देवी दत्त, पूरन चंद्र शर्मा, प्रकाश चंद्र पांडे, रमेश चंद्र पैराडिया, गीता देवी, मीरा पांडे समेत अन्य लोग उपस्थित रहे।