भीमताल, 17 जुलाई। उत्तराखण्ड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने अपने दो दिवसीय हल्द्वानी दौरे के दौरान उप जिला कारागार, हल्द्वानी का निरीक्षण किया। उन्होंने महिला बंदियों से संवाद कर उनकी समस्याओं, खान-पान, स्वास्थ्य सुविधाओं और अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान आयोग अध्यक्ष ने जेल में महिला बंदियों के कौशल विकास और पुनर्वास के लिए किए जा रहे प्रयासों का जायजा लिया। जेल प्रशासन द्वारा महिला बंदियों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से सिलाई, बुनाई और कढ़ाई का प्रशिक्षण आधुनिक मशीनों के माध्यम से दिया जा रहा है। साथ ही, जेल परिसर में संचालित बेकरी इकाई में तैयार उत्पादों की बाजार में बिक्री भी कराई जा रही है, जिससे महिला बंदियों को आर्थिक लाभ मिल रहा है।
महिला बंदियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय के माध्यम से उच्च शिक्षा की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा हाल ही में उनके लिए ब्यूटीशियन कोर्स भी आयोजित किया गया, ताकि रिहाई के बाद वे सम्मानजनक रोजगार प्राप्त कर सकें।
कुसुम कंडवाल ने जेल की चिकित्सा सुविधाओं का भी निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि महिला बंदियों के सुधार, शिक्षा, कौशल विकास और पुनर्वास के लिए किए जा रहे प्रयास सराहनीय हैं।
इस अवसर पर जेल अधीक्षक प्रमोद कुमार, डिप्टी जेलर रचित बोंठियाल, डिप्टी जेलर नीलम धामी, डॉ. पलक मित्तल, प्रतिभा जोशी, आधार वर्मा सहित कारागार प्रशासन के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।