चांफी-पदमपुरी और बबियाड़-टपूवा-दुदुली मोटरमार्ग की बदहाली पर साधा निशाना, आपदा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और मुआवजे की मांग
भीमताल। विधानसभा क्षेत्र भीमताल में कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा के प्रस्तावित भ्रमण कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस नेता मनोज शर्मा ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पिछले दस वर्षों से क्षेत्र में लगातार भ्रमण कार्यक्रम हो रहे हैं, लेकिन जनता की मूलभूत समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। उन्होंने कहा कि अब भ्रमण से अधिक जरूरत समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कार्ययोजना और होमवर्क करने की है।
मनोज शर्मा ने कहा कि कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा रविवार को पदमपुरी से दुदुली-अमदौ तक भ्रमण कार्यक्रम में रहेंगे। उन्होंने कहा कि चांफी से पदमपुरी मोटरमार्ग की स्थिति किसी से छिपी नहीं है। इसी तरह बबियाड़-टपूवा-दुदुली मोटरमार्ग की बदहाली के कारण ग्रामीणों का आवागमन मुश्किल बना हुआ है। ऐसे में सड़कों की स्थिति देखने के लिए बार-बार भ्रमण करने के बजाय इनके स्थायी समाधान की दिशा में कार्य होना चाहिए।
उन्होंने क्षेत्र की वर्षों से लंबित समस्याओं को उठाते हुए कहा कि गुनियालेख इंटर कॉलेज शिक्षक विहीन हो चुका है। भूगड़ा पेयजल लिफ्ट योजना शासन में लंबित है। पुटगांव और बबियाड़ विद्यालय वर्षों से पद सृजन की प्रतीक्षा कर रहे हैं। कुलोरी-नगौनिया सड़क की बदहाली, अक्सोड़ा पुल और गुनिगांव मोटरमार्ग की खराब स्थिति भी ग्रामीणों के सामने बड़ी समस्या बनी हुई है। अघरिया क्षेत्र की सड़कें भी बदहाल हैं।
शर्मा ने कहा कि देवनगर-सल्यानी तथा देवनगर-कन्याली-साकिनजाला मोटरमार्ग सर्वे के बाद भी आगे नहीं बढ़ पाए हैं। पदमपुरी अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार की आवश्यकता है। सरना क्षेत्र के आंतरिक पैदल मार्गों की स्थिति भी चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि बबियाड़ में बागा मोटरमार्ग के लिए उनके स्तर से सर्वे कराया गया था, लेकिन कुछ लोगों ने इसका विरोध किया। पातलीकोट और सुनपतला सहित कई क्षेत्रों में सड़क सुविधा के अभाव में ग्रामीण पलायन को मजबूर हैं।
उन्होंने अमदौ मोटरमार्ग का निर्माण अब तक नहीं होने पर भी सवाल उठाए। साथ ही पूरे क्षेत्र में संचार सुविधा की बदहाली, जल जीवन मिशन के कार्यों में कथित अनियमितताओं, देवनगर में लघु सिंचाई विभाग के बांध में कथित भ्रष्टाचार और अवैध शराब की बढ़ती गतिविधियों को लेकर भी सरकार से कार्रवाई की मांग की।
आपदा प्रभावितों के लिए कार्ययोजना सार्वजनिक करने की मांग
मनोज शर्मा ने कहा कि वर्तमान में क्षेत्र जलप्रलय से प्रभावित है और उनके अनुसार करीब 85 प्रतिशत ग्रामीण सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं। खेत-खलिहान और चल-अचल संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचा है। ऐसे में सरकार को प्रभावित ग्रामीणों के लिए अपनी कार्ययोजना सार्वजनिक करनी चाहिए।
उन्होंने दुदुली के बैड़ा तोक में हुई तबाही का उल्लेख करते हुए कहा कि किसान भोला दत्त कोटलिया के खेत, घर और मकान समेत काफी संपत्ति नदी में समा गई है। उन्होंने बैड़ा तोक को प्रदेश की विशेष आपदा प्रभावित श्रेणी में शामिल करने, प्रभावित ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान पर तत्काल विस्थापित करने तथा प्रत्येक प्रभावित परिवार को खेत और घर के नुकसान के लिए एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि भोला दत्त कोटलिया का सब कुछ बह गया है, इसलिए उन्हें अतिरिक्त सहायता भी दी जानी चाहिए। अमदौ के बिरजाली तोक में भी इसी तरह की स्थिति होने का दावा उन्होंने किया।
मनोज शर्मा ने कहा कि विपक्ष में होने के बावजूद क्षेत्र की जनता उनसे लगातार पूछ रही है कि उनकी समस्याओं का समाधान कब होगा। उन्होंने कहा कि जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका निभाते हुए वह जनता की आवाज उठा रहे हैं। उन्होंने मंत्री से आग्रह किया कि क्षेत्र की वर्षों पुरानी समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।