235 लोगों की स्क्रीनिंग, 150 एचएवी रैपिड टेस्ट किए; 197 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण
भीमताल। जलजनित रोगों से प्रभावित ज्योलिकोट और आसपास के क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग का अभियान लगातार जारी है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत के निर्देश पर स्वास्थ्य टीमों द्वारा प्रभावित एवं संवेदनशील क्षेत्रों में घर-घर स्क्रीनिंग, स्वास्थ्य परीक्षण, दवा वितरण और लोगों को बीमारी से बचाव के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
14416 पर विशेषज्ञ चिकित्सकों से लें परामर्श
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत ने बताया कि 14416 हेल्पलाइन के माध्यम से लोग विशेषज्ञ चिकित्सकों से सीधे बातचीत कर स्वास्थ्य संबंधी परामर्श और काउंसलिंग ले सकते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या या बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर उसे नजरअंदाज न करें। समय पर विशेषज्ञ चिकित्सक से सलाह लेने के साथ आवश्यकता पड़ने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच और उपचार कराएं।
सचल स्वास्थ्य वाहन से सूफी और गैठिया में जांच
शुक्रवार को सचल स्वास्थ्य वाहन के माध्यम से सूफी और गैठिया क्षेत्रों में लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। आवश्यकता के अनुसार मरीजों को दवाइयां भी वितरित की गईं। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. हेमंत मार्तोलिया ने दोनों क्षेत्रों में पहुंचकर स्थानीय लोगों से बातचीत की और उन्हें जलजनित रोगों से बचाव, स्वच्छ पेयजल के उपयोग तथा व्यक्तिगत स्वच्छता के संबंध में जानकारी दी।
स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने भल्यूटी, गांजा, सरियाताल और ज्योलिकोट क्षेत्रों में घर-घर जाकर लोगों की स्क्रीनिंग की। इस दौरान बीमारी के लक्षण, बचाव के उपाय और समय पर उपचार लेने के संबंध में लोगों को जागरूक किया गया।
235 लोगों की स्क्रीनिंग, 150 एचएवी रैपिड टेस्ट
रॉयल होटल, सुखताल, पिटारिया, स्टाफ हाउस, सात नंबर और अयारपाटा क्षेत्रों में स्वास्थ्य टीमों ने 235 लोगों की स्क्रीनिंग की। इस दौरान 150 एचएवी रैपिड टेस्ट किए गए।
स्वास्थ्य शिविरों और सचल स्वास्थ्य वाहन के माध्यम से कुल 197 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। 30 लोगों के रक्त के नमूने लिए गए, जबकि एक व्यक्ति को टेलीमेडिसिन के माध्यम से काउंसलिंग दी गई। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योलिकोट में 61 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और पांच मरीजों को भर्ती किया गया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार निगरानी और स्क्रीनिंग कर रही हैं। उन्होंने लोगों से बीमारी के लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करने तथा जरूरत पड़ने पर 14416 हेल्पलाइन के माध्यम से विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेने की अपील की।