ग्रामीण भारत महोत्सव में दिखी उत्तराखंड की लोक कला और ग्रामीण उत्पादों की झलक

नाबार्ड समर्थित पांच दिवसीय महोत्सव का सांसद अजय भट्ट ने किया शुभारंभ, 50 स्टॉलों में सजे स्थानीय उत्पाद

भीमताल। नाबार्ड के सहयोग से आयोजित पांच दिवसीय ग्रामीण भारत महोत्सव का गुरुवार को रामलीला मैदान, शीशमहल, काठगोदाम में भव्य शुभारंभ हुआ। महोत्सव का उद्घाटन नैनीताल-ऊधम सिंह नगर सांसद अजय भट्ट ने किया। इस अवसर पर भीमताल ब्लॉक प्रमुख डॉ. हरीश बिष्ट और राज्य दर्जा मंत्री रेनू अधिकारी सहित बैंक अधिकारियों, विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों, स्वयं सहायता समूहों, कृषक उत्पादक संगठनों, ग्रामीण उद्यमियों और शिल्पकारों ने प्रतिभाग किया।

03 से 07 सितंबर तक चलने वाले महोत्सव में 50 स्टॉल लगाए गए हैं। इनमें नैनीताल के साथ ही ऊधम सिंह नगर, हरिद्वार, देहरादून, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ समेत उत्तराखंड के विभिन्न जनपदों से स्वयं सहायता समूह, कृषक उत्पादक संगठन, ग्रामीण उद्यमी और पारंपरिक शिल्पकार अपने उत्पाद लेकर पहुंचे हैं।

प्रदर्शनी में उत्तराखंड की प्रसिद्ध ऐपण कला, जूट के बैग, हस्तनिर्मित टोकरियां, मसाले व जैविक मसाले, घी, अचार, जूस, स्क्वैश, वस्त्र उत्पाद, रेशम से निर्मित सामग्री, पेंटिंग और सजावटी वस्तुओं सहित विभिन्न स्थानीय एवं पारंपरिक उत्पाद प्रदर्शित किए गए हैं। आगंतुक इन उत्पादों की खरीद भी कर सकते हैं।

लोक संस्कृति की भी दिखी झलक

महोत्सव के उद्घाटन अवसर पर विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। कलाकारों ने उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति और परंपराओं की झलक पेश कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। महोत्सव के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ ऐपण कला प्रतियोगिता, नुक्कड़ नाटक तथा ग्रामीण उत्पादकों और शिल्पकारों के साथ संवाद कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।

इस आयोजन का उद्देश्य ग्रामीण उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के साथ स्थानीय कला एवं शिल्प को बढ़ावा देना तथा स्वयं सहायता समूहों, कृषक उत्पादक संगठनों और ग्रामीण उद्यमियों को सीधे उपभोक्ताओं से जोड़ना है।

ग्रामीण उद्यमियों से किया संवाद

नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक नैनीताल मुकेश बेलवाल ने विभिन्न स्टॉलों का भ्रमण कर स्वयं सहायता समूहों, शिल्पकारों और ग्रामीण उद्यमियों से संवाद किया। उन्होंने उनके उत्पादों, विपणन व्यवस्था और आजीविका से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी ली।

उन्होंने कहा कि नाबार्ड की ओर से ग्रामीण उद्यमिता, महिला सशक्तीकरण, स्थानीय उत्पादों के मूल्य संवर्धन और बाजार संपर्क को मजबूत करने के लिए इस प्रकार के आयोजनों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

महोत्सव का संपूर्ण व्यय नाबार्ड की ओर से वहन किया जा रहा है, जबकि चेष्टा गैर-सरकारी संस्था को आयोजन की कार्यान्वयन एजेंसी बनाया गया है। उद्घाटन दिवस पर बड़ी संख्या में लोगों ने प्रदर्शनी का भ्रमण किया और स्थानीय उत्पादों में रुचि दिखाई।

ग्रामीण भारत महोत्सव सात सितंबर तक आमजन के लिए खुला रहेगा।

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