निजी अस्पतालों को प्रतिदिन भर्ती मरीजों की रिपोर्ट देने के निर्देश, पीएचसी में विशेषज्ञ चिकित्सक देंगे सेवाएं
भीमताल, 08 सितंबर। ज्योलिकोट क्षेत्र में जल जनित रोगों की रोकथाम और प्रभावी नियंत्रण को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत ने जिले के सभी निजी चिकित्सालयों को जल जनित रोगों से संबंधित भर्ती मरीजों की दैनिक रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। आयुष्मान कार्ड के तहत भर्ती मरीजों की सूचना भी प्रतिदिन उपलब्ध कराने को कहा गया है।
क्षेत्रवासियों को विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योलिकोट में निजी अस्पतालों के फिजिशियन और गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट विशेषज्ञ चिकित्सक सेवाएं देंगे। निर्धारित कार्यक्रम के तहत 09 सितंबर को नीलकंठ हॉस्पिटल, 10 सितंबर को उजाला सिग्नस, 11 सितंबर को साई हॉस्पिटल, 12 सितंबर को सिटी हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, 13 सितंबर को चंदन हॉस्पिटल और 15 सितंबर को पुनः उजाला सिग्नस के विशेषज्ञ चिकित्सक पीएचसी ज्योलिकोट में सेवाएं देंगे।
114 घरों का सर्वेक्षण
स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने ज्योलिकोट क्षेत्र में 114 घरों का सर्वेक्षण कर लोगों को जल जनित रोगों से बचाव के प्रति जागरूक किया। इस दौरान आवश्यक स्क्रीनिंग भी की गई। बीमार पाए गए लोगों को चिकित्सालय जाकर उपचार एवं चिकित्सकीय परामर्श लेने की सलाह दी गई। जरूरत के अनुसार लोगों को ओआरएस और जिंक भी वितरित किया गया।
स्वास्थ्य शिविरों में मंगलवार को 206 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक दवाएं वितरित की गईं। वहीं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योलिकोट में 92 लोगों की जांच की गई, जिनमें से 11 लोगों को चिकित्सकीय निगरानी एवं उपचार के लिए भर्ती किया गया।
सात क्षेत्रों में लग रहे स्वास्थ्य शिविर
स्वास्थ्य सेवाओं और निगरानी को प्रभावी बनाने के लिए गांजा, वीरभट्टी, बेलवाखान, सरियाताल, ज्योलिकोट, भल्यूटी और चोपड़ा क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर लगाए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में नियमित सर्वेक्षण, स्क्रीनिंग, स्वास्थ्य शिक्षा और उपचारात्मक सेवाएं उपलब्ध करा रही हैं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत ने क्षेत्रवासियों से अपील की है कि वे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योलिकोट पहुंचकर विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाओं का लाभ लें। उन्होंने किसी भी प्रकार के स्वास्थ्य संबंधी लक्षण दिखाई देने पर उपचार में देरी न करने की सलाह दी है।
इस दौरान जिला सर्विलेंस अधिकारी डॉ. मनोज कांडपाल, नोडल अधिकारी डॉ. हेमंत मर्तोलिया, स्वतिशील गुरानी, नंदन कांडपाल आदि मौजूद रहे।