वैज्ञानिक विधि से मछली पालन बन सकता है स्वरोजगार का माध्यम

भीमताल डीसीएफआर में मत्स्य पालन को लेकर गोष्ठी

भीमताल (नैनीताल)। वैज्ञानिक विधि से मछली पालन कर उत्पादकता और उत्पादन बढ़ने से स्वरोजगार को बढ़ावा देकर किसानों की आजीविका मजबूत हो सकती है। भीमताल के शीतजल मात्स्यिकी अनुसंधान निदेशालय के निदेशक डॉ प्रमोद कुमार पांडेय ने मत्स्य पालन में पोषण एवं आहार प्रबंधन विषय में आयोजित प्रशिक्षण में कहीं। प्रशिक्षण में तमिलनाडु, मुंबई, हिमाचल प्रदेश, केरल, बिहार, कश्मीर और उत्तराखंड से कुल 19 प्रशिक्षुओं ने प्रतिभाग कर मछली पालन को लेकर जानकारी ली। पांडेय ने कहा मछली पालन स्वरोजगार का अच्छा माध्यम है और पोषण एवं आहार प्रबंधन कर अधिक मुनाफा कमाया जा सकता है। वैज्ञानिकों ने विकसित पनर्जल परिसंचरण प्रणाली तकनीक एंव मत्स्य पालन फीड मील को लेकर अवगत कराया। कार्यक्रम में प्रशिक्षार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। इस दौरान डॉ बीजू सैम कमलम, डॉ राजेश, डॉ रेनू जेठी, डॉ प्रकाश शर्मा, डॉ सीजी एलैकजेंडर आदि मौजूद रहे।

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